थानाध्यक्ष की आंख में मिर्च पाउडर डालकर थानेदार को पीटने वाली महिला सिपाही की मांग हुई पूरी,दर्ज हुआ मुकदमा,वीडियो वायरल पर यूपी कांग्रेस में कसा तंज,जाने….

उत्तर प्रदेश के रामपुर में खजुरिया थाने में तैनात महिला सिपाही द्वारा अपने ही थानेदार की आंख में मिर्च झोंकने और डंडे से पिटाई के बाद आखिरकार मांग पूरी हो गई। महिला सिपाही की शिकायत पर साथी महिला सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो गई,उधर,
कल से सोशल मीडिया पर चर्चा में रहे इस मामले की जांच एसपी राजेश द्विवेदी ने सीओ स्वार संगम कुमार को दे दी है,बता दें कि बिजनौर की रहने वाली महिला सिपाही आरजू की तैनाती खजुरिया थाने में थी। पिछले दिनों उसका विवाद इसी थाने में तैनात साथी सिपाही अमृता भूषण से हो गया था। उस पर आरोप था कि वह उसकी नई स्कूटी मांगकर ले गई और हादसे में उसे बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। आरजू ने अमृता से नई स्कूटी मांगी लेकिन उसने इनकार कर दिया।
इसी मामले में कार्रवाई के लिए आरजू एक हफ्ते से एसओ से लेकर सीओ तक के चक्कर काट रही थी।मंगलवार को भी जब एसओ राजीव कुमार ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई से इनकार कर दिया तो उसने उनकी आंख में मिर्च झोंक दी और डंडे से पिटाई कर दी। बाद में एसओ पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाते हुए वीडियो भी वायरल कर दिया,उधर, मामला संज्ञान में आने के बाद बुधवार को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आरजू की तहरीर पर महिला सिपाही अमृता भूषण के खिलाफ धारा 279 और 427 में एफआईआर दर्ज कर ली गई। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया मामले में जांच सीओ स्वार संगम कुमार को दी गई है।
खजुरिया एसओ की पिटाई के मामले में निलंबित महिला सिपाही आरजू का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें उसने न केवल थानों में होने वाली वसूली की पोल खोली थी बल्कि एसओ के बहाने यह तक कह डाला था कि खाकी की आड़ में पुलिस में भेड़िए हैं। इस वीडियो को यूपी कांग्रेस ने भी हाथोंहाथ लिया है।यूपी कांग्रेस ने एक्स पर लिखा है कि रामपुर में तैनात महिला सिपाही आरजू बोल रही है कि थाने में कैसे घूसखोरी का खेल चलता है, सब महिला सिपाही बता रही है। महिला सिपाही का आरोप है कि छह दिन हो गए हैं।
खजुरिया थाने का थानेदार एक्सीडेंट की शिकायत नहीं दर्ज कर रहा है,उल्टा झूठा मुकदमा दर्ज करने की धमकी दे रहा है। कहा कि सोचिए आदित्यनाथ सरकार में जब एक खाकीधारी को न्याय नहीं मिल रहा है तो आम जनता को क्या मिलेगा, खैर भाजपा सरकार में वैसे भी महिलाओं को न्याय नहीं दिया जाता है।



