बलिया में 8 से 10 घंटे ही मिल रही बिजली

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रिपोर्टर अजीत कुमार सिंह बिट्टू जी ब्यूरो चीफ हिंद एकता टाइम्स

 

 

जिले के अधिकांश इलाकों में बिजली की कटौती हो रही है। ग्रामीण इलाकों में तो 8 से 10 घंटे की आपूर्ति हो रही है, वह भी 20 से अधिक किस्तों में। पड़ रही गर्मी के बीच बिजली की अनियमित आपूर्ति से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।

 

 

नगरीय क्षेत्र को 24 व ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे आपूर्ति का रोस्टर है। जिला मुख्यालय पर ही दिन हो या रात बिजली के आने-जाने का सिलसिला चलता रहता है। आए दिन फॉल्ट के कारण घंटों आपूर्ति ठप रहती है। मंगलवार की आधी रात में चित्तू पांडेय चौराहा स्थित उपकेंद्र से आपूर्ति ठप हो गई जो सुबह सात बजे लौटी।

इसके चलते बड़ा गड़हा, शास्त्री नगर, मालगोदाम रोड, आर्यसमाज रोड, एलआईसी रोड, चौक, कासिम बाजार आदि मोहल्लों के लोग गर्मी से बेहाल रहे। उधर, ग्रामीण इलाकों में तो खासकर दोपहर में जब तापमान चरम पर होता है उस समय आपूर्ति ठप रहती है।

आलम यह है कि सुबह होते ही बिजली के आने-जाने का सिलसिला शुरु होता है जो देरशाम तक चलती है। बिजली कब आएगी और कब जाएगी इसका कोई रोस्टर नहीं रह गया है। इस तरह ग्रामीण इलाकों में 8 से 10 घंटे तक की आपूर्ति हो रही है और वह भी 20 से अधिक किस्तों में।

 

बांसडीह रोड

क्षेत्र के टकरसन फीडर से जुड़े 15 गांवों में बुधवार से पूरे दिन बिजली आती जाती रही। आलम यह रहा कि सुबह से सायं पांच बजे तक एक घंटा भी बिजली नहीं मिली। जबकि चुनाव के दौरान कुछ हद तक आपूर्ति पर्याप्त मिल रही थी।

फेफना

क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। सुबह पांच से दोपहर 12 बजे तक विद्युत कटौती रही। लोग इसको लेकर तरह-तरह की चर्चा भी कर रहे हैं।

 

 

बिजली आपूर्ति पूरी तरह है बदहाल

 

बैरिया। चुनाव समाप्त होते ही बिजली ने रुलाना शुरु कर दिया है। आपूर्ति के दौरान बार-बार आंख मिचौली होती है। मंगलवार की रात को नौ बजे बिजली आई और दो घंटे बाद ही गायब हो गई। इस दो घंटे के बीच कुल 17 बार बिजली कटी और आई। आलम यह है कि रात व दिन मिलाकर 8 से 10 घंटे ही बिजली मिल रही है लेकिन इस दौरान 30 बार से अधिक ट्रिप होती है।

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