नदी में डूबी किशोरी समेत पांच लोगों का शव बरामद, गंगा दशहरा पर स्नान के दौरान डूबे थे

रिपोर्टर अजीत कुमार सिंह बिट्टू जी ब्यूरो चीफ हिंद एकता टाइम्स
बलिया जिले में गंगा दशहरा पर गंगा में स्नान करते समय डूबी किशोरी समेत पांच लोगों का शव 24 घंटे बाद बरामद हुआ। सभी शवों को कड़ी मशक्कत के बाद बरामद किया गया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
बलिया में गंगा दशहरा के अवसर पर स्नान करते समय शिवपुर घाट के दोनों तरफ डूबे किशोरी सहित पांच लोगों का शव गंगा नदी से लगभग 24 घंटे बाद बाहर निकाला गया। पांचों शव का पंचनामा कर किशोरी के शव को जिला मुख्यालय भेज दिया गया। जबकि बिहार प्रांत के चार युवकों को आरा मुख्यालय भेज दिया गया। इस दौरान बलिया और बिहार प्रांत के आरा जनपद के अधिकारी शिवपुर गंगा घाट पर मौजूद रहे।
यह है पूरा मामला
गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में डूबी गोपालपुर निवानी अंशु (16) का शव एसडीआरएफ की टीम ने सुबह लगभग पांच बजे बरामद कर लिया। करीब तीन घंटे मेहनत के बाद शव नदी से निकाला गया। पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस दौरान तहसील बैरिया के न्यायिक मजिस्ट्रेट एआर फारूकी, तहसीलदार बैरिया सुदर्शन कुमार, थानाध्यक्ष दोकटी मदन पटेल चौकी प्रभारी जय प्रकाश उपस्थित रहे। जबकि बिहार साइड शिवपुर घाट पर बिहार से आई एनडीआरएफ की टीम ने नदी में डूबे चारों युवकों के शव को नदी से बाहर निकाला।
चारों युवकों के शव की परिजनों से पहचान कराई गई। पहचान के बाद चारों शवों का पंचनामा कर बिहार पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए जनपद मुख्यालय आरा भेज दिया। इस दौरान जगदीशपुर अनुमंडल के एसडीएम संजीव कुमार, एसडीपीओ राजीव कुमार सिंह, थाना प्रभारी बहोरनपुर अभय कुमार सिंह उपस्थित रहे। बिहार सरकार के तरफ से शिवपुर घाट के उस पार डूबने से चारों युवकों की मौत पर परिजनों को चार- चार लाख रुपये देने की घोषणा बीते शाम कर दिया था।
हवा के चलते रविवार को नहीं हो सकी शव की तलाश
यूपी साइड में शव को खोजने के लिए रविवार शाम एसडीआरएफ की टीम घाट पर पहुंची थी। लेकिन हवा के कारण उठती लहर को देखते हुए शव के खोज का काम नहीं हो सका। वहीं सोमवार की सुबह अधिकारी मौके पर पहुंचे और लगभग तीन घंटे बाद शव को गंगा नदी से बाहर निकाला गया। वहीं बिहार के गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम ने रविवार को पूरे दिन मशक्कत की, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। सोमवार सुबह फिर शव को खोजने का काम शुरू हुआ। जिसमें एनडीआरएफ को सफलता हासिल हुआ।



