गर्मी-लू से परेशान 350 मरीज पहंुचे, 130 भर्ती

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रिपोर्टर अजीत कुमार सिंह बिट्टू जी ब्यूरो चीफ हिंद एकता टाइम्स

 

 

बलिया। गर्मी ने पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। न्यूनतम तापमान में भी इजाफा होने से रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। तेज धूप व लू से लोगों की सेहत पर विपरीत असर पड़ रहा है। लोग डायरिया, उल्टी दस्त और तेज बुखार सहित अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। बुजुर्ग व बीमार मरीजों के लिए मौसम जानलेवा बना हुआ है। तापमान बढ़ने से पिछले 24 घंटे में सामान्य से तीन गुना से ज्यादा मरीज इमरजेंसी में इलाज कराने पहुंचे। जो अब तक के सबसे ज्यादा मरीज रहे। आम दिनों में 90 से 100 मरीज इलाज कराते हैं। वहीं, लू जैसे लक्षण से आठ से ज्यादा मरीजों की मौत हो गई। मौत के बाद परिजन शव लेकर घर चले गए। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने लू से मौत की बात नहीं कही।

इमरजेंसी में शनिवार की रात 12 बजे तक 350 सौ के ज्यादा मरीज गंभीर हालत में पहुंचे। गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने 130 मरीजों की भर्ती किया। रविवार को भी हालत ऐसी ही रही। इमरजेंसी में मरीज बढ़ने से मरीजों को बेड नहीं मिला। स्ट्रेचर और कुर्सियों पर इलाज किया जा रहा है। बेड के अभाव में मरीजों को जमीन पर बैठकर इंतजार करना पड़ा। शाम को इलाज के लिए आने वाले अधिकतर मरीज लू जैसे लक्षण वाले आ रहे हैं।

रात में आपातकालीन कक्ष में मरीजों के सापेक्ष चिकित्सक नहीं होने से हालत बेकाबू हो जा रहे हैं। अपने मरीज का पहले इलाज कराने के लिए तीमारदार चिकित्सक से विवाद करने पर उतारू हो जा रहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डाॅ. मनोज कुमार ने कहा कि गर्मी अपने उच्च स्तर पर है। तेज धूप व लू को देखते हुए घर से बाहर न निकले की सलाह दी। कहा ही सावधानी ही बचाव है। लापरवाही जानलेवा हो सकती है।

आम की रखवाली में बिगड़ी तबीयत, चिकित्सकों की तत्परता से बची जान : जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रात में राजागांव खरौनी गांव निवासी छोटेलाल इलाज कराने पहुंचे। उन्हें 103 डिग्री से ज्यादा फीवर था। चिकित्सक ने कोल्ड वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया। आइस पैकेट से सिकाई व इलाज से जान बचाई जा सकी। । परिजनों ने बताया कि लू के बीच आम की रखवाली कर रहे थे, शाम को उल्टी-दस्त के साथ तेज बुखार होने पर इलाज के लिए बांसडीह सीएचसी पहुंचे।

 

 

बुजुर्ग लोगों के लिए भारी पड़ रही गर्मी : जिला अस्पताल में गर्मी व लू बढ़ने से गंभीर मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। वहीं, वृद्ध लोगों के लिए गर्मी भारी पड़ रही। शनिवार से रविवार की दोपहर तक महिला समेत कुल आठ बीमारी मरीजों की मौत हो गई है। हालांकि प्रशासन लू से मौत नहीं मानता। रामपुर महावल निवासी वीरेंद्र सिंह ( 65) की मौत इलाज के दौरान हो गई। सांस की परेशानी होने पर परिजनों ने इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया था। इसी तरह से राजपुर गांव निवासी अशोक शर्मा (55) की मौत हाई फीवर के कारण हो गई। परिजनों ने बताया की उनका बुखार 105 से ऊपर था। और सागरपाली निवासी महेन्द्र प्रसाद की तबीयत खराब होने पर परिजन इलाज के लिए इमरजेंसी लेकर पहुंचे। लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके अलावा छह मरीज जिनकी मौत होने के बाद परिजन बिना पोस्टमार्टम के शव घर लेते गए, सभी की उम्र 50 वर्ष से ऊपर रही।

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