पूंजीगत व्यय से वित्त वर्ष 25 में दोहरे अंक में बढ़ेगी कैपिटल गुड्स कंपनियों की आय
Capital expenditure to increase income of capital goods companies in double digits in FY2
मुंबई, 24 जून: सरकार की ओर से रेलवे (मेट्रो सहित), डिफेंस और रिन्यूएबल सेक्टर में लगातार पूंजीगत व्यय किए जाने के कारण कैपिटल गुड्स बनाने वाली कंपनियों के राजस्व में वित्त वर्ष 2024-25 में दोहरे अंक में उछाल देखने को मिल सकता है। सोमवार को आई एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
क्रिसिल रेटिंग्स की ओर से जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया कि बाजार में उच्च प्रतिस्पर्धा के कारण वित्त वर्ष 2024-25 ऑपरेटिंग मार्जिन 80 से 100 बेसिस अंक कम होकर 12 से 13 प्रतिशत रह सकता है। एक्सपोर्ट, जहां पर मार्जिन अधिक होता है, उसमें सुस्ती रह सकती है। हालांकि, इस दौरान कच्चे माल जैसे स्टील, कॉपर और एलुमिनियम की कीमतें स्थिर रह सकती हैं।
क्रिसिल रेटिंग्स के डायरेक्टर आदित्य झावेर ने कहा कि निजी कंपनियों की ओर से पारंपरिक सेक्टर में पूंजी लगाई जा रही है। इसमें 6 से 8 प्रतिशत की सालाना आधार पर बढ़त हुई है। इसके अलावा रिन्यूएबल क्षमता में सालाना आधार पर 25 से 30 प्रतिशत की बढ़त हुई है। यह कैपिटल गुड्स कंपनियों के लिए अच्छा है।
हालांकि, रेलवे और डिफेंस में निवेश 20 प्रतिशत से गिरकर 5 प्रतिशत पर आ गया है, लेकिन कई शहरों में मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में गति से इसे बल मिल सकता है।
झावेर ने आगे कहा कि इस कारण कैपिटल गुड्स कंपनियों की आय में शुद्ध रूप से 9 से 11 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिल सकती है।
प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम के कारण इलेक्ट्रिक वाहन और डेटा सेंटर में कैपिटल गुड्स कंपनियों के लिए ग्रोथ के मौके हैं।
रिपोर्ट में बताया गया कि वित्त वर्ष 2024 में कुल हुए निवेश का 10 प्रतिशत पीएलआई स्कीम का लाभ लेने वाले और उभरते हुए सेक्टरों में हुआ था, जो कि वित्त वर्ष 2028 तक 25 प्रतिशत पहुंचने की संभावना है।
क्रिसिल रेटिंग्स के एसोसिएट डायरेक्टर जोआन गोंसाल्वेस ने कहा कि कैपिटल गुड्स कंपनियों की क्रेडिट प्रोफाइल स्थिर है। इसकी वजह अच्छी वित्तीय सेहत और सीमित पूंजीगत व्यय है।



