सरकार द्वारा कई राज्यों में पेपर लीक मामले में जखनिया विधायक बने चर्चा का विषय

रिपोर्ट सुरेश पांडे
जखनिया गाजीपुर। जखनिया विधानसभा 373 के सपा सुभासपा गठबंधन से जौनपुर जिले के रहने वाले बेदी राम सुभासपा की टिकट पर जखनिया के विधायक निर्वाचित हुए है। चुनाव के दौरान विधायक बेदी राम मंचो के कार्यक्रमों के माध्यम से नौकरी दिलाने के बात कहे थे जो लोगों के दिलों पर भी जगह बनाए। यही नहीं उनके पार्टी के मुखिया सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर भी कई बार मंचों से नौकरी दिलाने की बात में बेदी राम का नाम उछाला है। लेकिन अब सरकार द्वारा कई राज्यों में पेपर लीक मामले में हुए कई मुकदमे को लेकर जखनिया विधानसभा में लोगों में चर्चाओं का विषय बना हुआ है। कुछ लोग जखनिया विधायक के इस प्रकरण को लेकर दोषियों पर ठोस कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों ने यह भी कहा कि देश में ऐसे कई भ्रष्टाचारी है जिस पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
विधायक बेदी राम अभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी कुछ दिन पहले मिलने का फोटो वायरल हुआ था तथा ओमप्रकाश राजभरमुख्यमंत्री से मिले हैं, इसको लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त है।
पेपर लीक मामले में गाजीपुर के जखनिया विधानसभा से सुभासपा के विधायक बेदीराम के नाम आने पर जखनिया विधानसभा के लोगों ने दी प्रतिक्रिया कहा विधायक जी टैलेंटेड बच्चों के भविष्य को खराब कर रहे हैं ऐसे में योगी सरकार को कठोर कदम उठाना चाहिए साथ ही इनके खिलाफ गिरफ्तार कर बुलडोजर की भी कार्रवाई करनी चाहिए।
झारखंड यादव ने कहा कि हम चाहेगे कि ऐसे लोग जेल में होने चाहिए।सरकार को चाहिए कि सारे अवगुण को बाहर करें।यह तो 5 साल पहले निर्णय लेना चाहिए।
आनंद तिवारी ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद विकास कार्य जखनिया विधानसभा में नहीं हुआ।पेपर लीक में 2014 से नाम आ रहा है और ओमप्रकाश भी इसका दवा मंच के माध्यम से किए हैं। यह गलत है।
विवेकानंद तिवारी ने कहा की न्यूज़ से पता चला है कि पेपर लीक में जखनिया विधायक का नाम आया है ऐसे लोगों पर कार्यवाही होनी चाहिए
पारसनाथ यादव ने कहा कि हम लोगों को नहीं जानकारी थी कि हमारा विधायक ऐसा है।
देवनारायण सिंह ने कहा कि बेदी राम जैसे बहुत लोग पड़े है जो भ्रष्ट है, जो भाजपा से जुड़ा है वह बच जा रहा है जो विपक्ष है वह फस जा रहा है।
विजय बहादुर सिंह ने कहा कि पेपर लीक मामले में सरकार जिम्मेदार है। 10 वर्षों से बच्चों की भविष्य खराब हो रही है अगर नीट लीक पेपर के मामले आए हैं जो भी दोषियों के कड़ी कार्रवाई की जाए।



