मुलायम,अखिलेश के बाद शिवपाल? चाचा को आजमगढ़ से चुनाव लड़ाने की तैयारी में समाजवादी पार्टी, अखिलेश यादव ने रामाश्रय चौहान व सपा नेता साजिद खान से की मुलाकात,2024 चुनाव की बनी रणनीति

सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजमगढ़ जिले के दीदारगंज विधानसभा अध्यक्ष रामाश्रय चौहान व सपा नेता साजिद खान से की मुलाकात, सपा के संगठन को मजबूत करने के लिए रामाश्रय चौहान और साजिद खान की सराहना
मिशन 2024 को फतह करने के लिए समाजवादी पार्टी ने अपना अभियान तेज कर दिया है। हर जिले में संगठन की बैठकें हो रही हैं। बूथ जीतने पर जोर दिया जा रहा है, प्रदेश मुख्यालय में भी हर जिले से पदाधिकारियों को बुलाकर प्रत्याशियों के नाम पर राय ली जा रही है।इसी कड़ी में आजमगढ़ से पहुंचे पदाधिकारियों की राय ली गई तो शिवपाल यादव का नाम सबसे ऊपर नजर आया,ऐसे में माना जा रहा है कि मुलायम परिवार के चौथे सदस्य के रूप में शिवपाल यादव यहां से सपा के प्रत्याशी हो सकते हैं,सपा किसी तरह इस सीट को भाजपा से छीनकर दोबारा अपनी झोली में डालना चाहती है। शिवपाल को यहां से उतारकर वह एक तीर से कई निशाने लगाने की भी तैयारी कर रही है।यादव और मुस्लिम बहुल्य आजमगढ़ लोकसभा सीट सपा का गढ़ मानी जाती रही है। यहां से खुद मुलायम सिंह यादव और सपा प्रमुख अखिलेश यादव चुनाव लड़े और सांसद बन चुके हैं। मुलायम सिंह यादव ने 2014 के मोदी लहर में भी इस सीट को जीतने में सफलता हासिल की थी। 2019 में अखिलेश यादव इस सीट से मैदान में उतरे और जीत हासिल की थी।2022 के विधानसभा चुनाव में मैनपुरी से जीत हासिल करने के बाद अखिलेश ने यहां से इस्तीफा दे दिया था। परिवार के ही सदस्य धर्मेंद्र यादव को उपचुनाव में प्रत्याशी बनाया लेकिन भाजपा के दिनेश लाल यादव निरहुआ ने धर्मेंद्र को हराकर सपा से यह सीट छीन ली थी।सपा के हाथ से यह सीट निकलना अखिलेश यादव के लिए बड़ा झटका था। इस सीट पर जीत को लेकर अखिलेश इतना कांफिडेंट थे कि प्रचार करने भी नहीं पहुंचे थे। माना जा रहा है कि भाजपा से यह सीट फिर से छीनने के लिए मुलायम परिवार का ही कद्दावर नेता चाहिए होगा। ऐसे में अखिलेश-डिंपल के बाद शिवपाल का ही नाम सबसे मुफीद लग रहा है।डिंपल पहले ही मुलायम सिंह यादव की विरासत मैनपुरी सीट संभाल चुकी हैं। अगली बार भी उनके मैनपुरी से ही उतरने की संभावना है,अखिलेश लोकसभा से इस्तीफा देकर विधानसभा में रहने का फैसला कर चुके हैं। ऐसे में शिवपाल ही वह नाम हैं जो आजमगढ़ से उतरकर भाजपा को कड़ी चुनौती दे सकते हैं। सपा का मानना है कि आजमगढ़ से शिवपाल के उतरने का फायदा पूर्वी यूपी की कई सीटों पर सपा को मिल सकता है। खासकर आजमगढ़ से सटी मऊ, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर सीटों पर सपा परचम लहरा सकती है। 2019 के चुनाव में अखिलेश के आजमगढ़ से उतरने पर सपा-बसपा गठबंधन को इस क्षेत्र में फायदा हुआ था। आजमगढ़ के साथ ही इससे सटी गाजीपुर और घोसी सीटें भी सपा-बसपा ने जीत ली थीं।इसी क्रम मे सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजमगढ़ जिले के दीदारगंज विधानसभा अध्यक्ष रामाश्रय चौहान व सपा नेता साजिद खान से की मुलाकात, सपा संगठन को मजबूत करने के लिए रामाश्रय चौहान और साजिद खान की सराहना, आपको बता दें अखिलेश यादव पार्टी कार्यालय कार्यकर्ताओं से मीटिंग के बाद पार्टी कार्यालय में ही मौजूद रहे. इस दौरान आजमगढ़ जिले के विधानसभा दीदारगंज विधानसभा अध्यक्ष रामाश्रय चौहान और सपा नेता साजिद खान ने कार्यालय में मौजूद रहे, अखिलेश यादव ने मुलाकात की है।



