वैश्विक पर्यटन के विकास इंजन के रूप में उभर रही है भारत से आउटबाउंड यात्रा
Outbound travel from India is emerging as the growth engine of global tourism
नई दिल्ली, 9 जुलाई : ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक और ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट ने एक नई रिपोर्ट में खुलासा किया है कि मध्यम वर्ग के तेजी से विस्तार और देश भर में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ भारत से आउटबाउंड यात्रा वैश्विक पर्यटन के लिए भविष्य के विकास इंजन के रूप में उभर रही है।
एशिया पेसिफिक क्षेत्र में पर्यटन क्षेत्र की रिकवरी अलग है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन से आउटबाउंड यात्रा में तेजी आई है और घरेलू पर्यटन का विस्तार हो रहा है। लेकिन, इनबाउंड पर्यटन महामारी से पहले के स्तर से काफी नीचे है और चीन में व्यापक आर्थिक सुधार में इसकी वजह से रूकावट आ रही है।
दूसरी तरफ भारतीय पर्यटक वैश्विक पर्यटन के लिए भविष्य के विकास इंजन के रूप में उभर रहे हैं।
ओईसीडी की रिपोर्ट में कहा गया है, “ब्राजील जी20 प्रेसीडेंसी और इटली जी7 प्रेसीडेंसी ने भी भारत और इंडोनेशिया जी20 प्रेसीडेंसी के परिणामों के आधार पर 2024 में पर्यटन में मानव पूंजी और कौशल के मुद्दों को प्राथमिकता दी है।”
वैश्विक स्तर पर पर्यटन के क्षेत्र में कोविड 19 महामारी से उत्पन्न तेज गिरावट के बाद जोरदार वापसी हुई है।
रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि ”पर्यटन के क्षेत्र में रिकवरी सामान्य और बराबर नहीं है और इसके पीछे दुनिया भर के देशों में बढ़ते तनाव, जीवनयापन की लागत में हुई वृद्धि और जलवायु संबंधी बदलाव है जो चुनौतियां के रूप में सामने खड़ी है। ऐसे में इस क्षेत्र में संभावनाओं को बढ़ाने के लिए सक्रिय और दूरदर्शी नीतियों की आवश्यकता है, ताकि इसे अधिक लचीला, टिकाऊ और समावेशी भविष्य प्रदान किया जा सके।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार ओईसीडी देशों के जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र का सीधा योगदान 2022 में बढ़कर 3.9 प्रतिशत हो गया, जो 2019 के स्तर से आधा प्रतिशत कम है। इससे पता चलता है कि इस क्षेत्र में रिकवरी लगातार जारी है।
ऐसे में 2024 के अंत तक इस क्षेत्र में पूर्ण वैश्विक सुधार का अनुमान है, जो सकारात्मक सोच रखकर यात्रा करने वाले और व्यावसायिक भावना से उत्साहित है और इससे एशिया प्रशांत क्षेत्र में यात्रा में तेजी आई है। इसके साथ ही मांग और आपूर्ति के बीच जारी असंतुलन दूर होने के कारण इस क्षेत्र में तेज ग्रोथ लौटने की उम्मीद है।



