बलिया में कुदरत का कहर, 72 घंटे में नौ मकान सरयू में डूबे; 50 हजार की आबादी बाढ़ की चपेट में

 

रिपोर्टर अजीत कुमार सिंह बिट्टू जी ब्यूरो चीफ हिंद एकता टाइम्स

 

 

 

बलिया में बाढ़ का कहर जारी है। खेतों में फसल का नुकसान तो हो ही रहा है। अब लोगों के मकान भी बाढ़ के जद में आने लगे हैं। पिछले 72 घंटों में नौ लोगों का आशियाना सरयू नदी में समाहित हो गई

 

 

 

बलिया जिले के गोपालनगर टाड़ी में बुधवार को रामकिसुन, बच्चा जी यादव व प्रभुनाथ यादव सहित नौ लोगों का पक्का मकान सरयू नदी में समा गया। बता दें कि तीन दिनों में नौ लोगों का आशियाना नदी में समा गया। उत्तरी दीयरांचल के गोपालनगर, वशिष्ठ नगर, मानगढ़ व शिवाल मठिया सहित चार ग्राम पंचायतों के 50 हजार की आबादी बाढ़ की चपेट में है।

 

 

कटान तेज देख पूरी बस्ती में भगदड़ की स्थिति है। कटान पीड़ितों ने बताया कि पिछले तीन दिनों में लगभग 70 बीघा उपजाऊ खेत भी सरयू नदी में समा चुका है। काटन की सूचना पर मंगलवार की देर शाम अपर जिलाधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह व विधायक जयप्रकाश चंचल पहुंचे।

 

 

 

 

 

 

इस दौरान एडीएम और विधायक ने कटान स्थल के निरीक्षण किया तथा काटन पीड़ितों से बात कर वापस लौट गए। मौके पर मौजूद उप जिलाधिकारी सुनील कुमार को कटान पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश अपर जिला अधिकारी ने दिए।

 

 

सरयू नदी में मकान के अलावा दो बीघे परवल की फसल भी समा गई। वशिष्ठ नगर के सीमावर्ती क्षेत्र गोपालनगर मौजा में हर साल 100 से अधिक किसान 500 बीघे से अधिक भूमि लगान पर लेकर परवल की खेती करते हैं। किसान धीरेंद्र बीन ने बताया कि दियारे के करीब 100 वीन, दि गरीब किसान 500 बीघा से अधिक भूमि लगान पर लेकर परवल की खेती करते हैं।

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