लोकतंत्र के हर पुजारी को ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाने का अधिकार : गिरिराज सिंह
Every worshipper of democracy has the right to celebrate 'Constitution Murder Day': Giriraj Singh
नई दिल्ली, 15 जुलाई। 25 जून को संविधान हत्या दिवस मनाने के केंद्र सरकार के फैसले को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जायज ठहराया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के हर पुजारी को ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाना चाहिए। अगर 25 जून को याद न किया जाए, तो भारत का लोकतंत्र जीवित नहीं रहेगा। इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र की हत्या की थी, उसे याद रखना सबके लिए जरूरी है।
बिहार में मुहर्रम के अवसर फिलिस्तीन झंडा लहराने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए भाजपा नेता ने कहा कि आखिर ऐसी घटना हो भी क्यों न? रोपा बबुल को तो आम कहां से होय। यह कांग्रेस के लोग और टुकड़े-टुकड़े गैंग के लोग हैं। ओवैसी जब संसद के अंदर में फिलीस्तीन जिंदाबाद कहते हैं, तो देशी में ऐसी अराजकता होगी ही । ओबैसी पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को मैं धन्यवाद देना चाहता हूं कि कुछ आरोपियों को पकड़ा है। अभी कई लोग पकड़े जाने हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी मुस्लिम बोट बैंक के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने हर साल 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला लिया है। हर साल 25 जून को देश उन लोगों के योगदान को याद करेगा, जिन्होंने 1975 के इमरजेंसी के अमानवीय दर्द को सहन किया था।
25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाने को लेकर भारत सरकार की ओर से एक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।



