केशव मौर्य का बयान भाजपा में आंतरिक फूट का नतीजा, सीएम योगी को खुली चुनौती : सपा

Keshav Maurya's statement is the result of internal rift in BJP, an open challenge to CM Yogi: SP

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लखनऊ, 16 जुलाई: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के संगठन वाले बयान पर सियासत गर्मा गयी है। समाजवादी पार्टी के नेता मनोज काका ने कहा कि केशव मौर्य ने यह बयान देकर यह जताना चाह रहे हैं कि हम सीएम योगी से बड़े हैं।

उन्होंने कहा कि केशव मौर्या योगी को चुनौती दे रहे हैं। भाजपा संगठन में आंतरिक तौर पर बड़ी फूट पड़ी हुई है। प्रदेश में ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य अघोषित मुख्यमंत्री हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर पटरी से उतर गया है। अभी मोहनलालगंज में एक लड़की के साथ बर्बरता हुई, जालौन में क्या हुआ, मेरठ में क्या हुआ? समाजवादी पार्टी लोकहित और जनहित के पक्ष में है, लेकिन बीजेपी अपराधों के सामने आंख मूंद लेती है।

उन्होंने कहा कि संविधान खतरे में है। बाबा साहब अंबेडकर जी के विचारधारा से इनका कोई ताल्लुक नहीं है। संविधान को भाजपा अपना नहीं पाएगी, क्योंकि भाजपा के लोग मनुस्मृति को मानने वाले हैं। बीजेपी का समूचा चरित्र धोखा का रहा है, आजादी से पहले ही इन लोगों के विचार वालों ने देश को धोखा दिया, सावरकर ने अंग्रेजों से माफी मांगी। पीएम नरेंद्र मोदी अब धोखा दे रहे हैंं, नौकरी नहीं। जम्मू कश्मीर में हमारे जवान मारे जा रहे हैं। सरकार देश के संसाधनों को लूटने में लगी हुई है। न बॉर्डर सुरक्षित है न आंतरिक सुरक्षा कायम है। पूरे देश में बदहाली और बेरोजगारी है।

बिहार में मुकेश सहनी के पिता की हत्या को लेकर उन्होंने कहा कि बिहार में जब से नीतीश कुमार भाजपा के साथ आए हैं, तब से बिहार में बर्बरता बढ़ी है, बिहार अब अपराध, पेपर लीक और तमाम अवैध कामों के लिए जाना जा रहा है। बिहार में जंगल राज कायम है? इसका जवाब जनता बिहार विधानसभा चुनाव में देगी।

दरअसल लखनऊ में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दौरान मौर्य ने कहा कि संगठन सरकार से बड़ा होता है। इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा हमला माना जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री केशव ने कहा, “आपका दर्द मेरा भी दर्द है। संगठन सरकार से बड़ा था, बड़ा है और हमेशा बड़ा रहेगा। सभी मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधियों को कार्यकर्ताओं का सम्मान करना चाहिए और उनके मान-सम्मान का ख्याल रखना चाहिए। सपा और कांग्रेस ने ‘सांपनाथ’ और ‘नागनाथ’ के रूप में झूठ बोलकर और धोखा देकर हमें कुछ समय के लिए पीछे धकेल दिया है। लेकिन 2027 में हम 300 सीटों को पार करने के लक्ष्य के साथ फिर से राज्य में भाजपा की सरकार बनाएंगे।”

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