संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित विश्व डूबने से बचाव दिवस के दिन उत्तर प्रदेश के 44 जिलों में नागरिकों को डूबने से बचाने का पूर्वाभ्यास किया गया

रिपोर्ट राकेश श्रीवास्तव
सगड़ी आजमगढ़
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व/प्रभारी अधिकारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण श्री आजाद भगत सिंह की उपस्थिति में डीघीया नाला में पीएसी द्वारा बाढ़ में फंसे 7 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने व नाव पलटने से नदी में डूबे 3 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने का पूर्वाभ्यास किया गया। पूर्वाभ्यास कार्यक्रम का संयोजन व संचालन आपदा विशेषज्ञ श्री चंदन कुमार ने किया। पूर्वाभ्यास स्थल पर आपदा मित्र, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशु पालन विभाग, अग्निशमन विभाग, पीएसी, पुलिस विभाग, सिंचाई विभाग, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग आदि के कर्मचारी पूरी मुस्तैदी से मौजूद रहे।
स्वयंसेवी संगठन के लोग भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम पीएसी के अधिकारी ने अपर जिलाधिकारी से अनुमति लेकर पूर्वाभ्यास शुरू किया। प्रथम चक्र में पीएसी के जवानों को आजमगढ़ में बने इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर कंट्रोल रूम से सूचना दी गयी कि घाघरा नदी का जलस्तर 72.00 पहुंच गया है । जनपद के आपदा कंट्रोल रूम को सूचना मिली की कुछ नागरिक नदी के उत्तरी तट पर फंस गये हैं। सूचना मिलते ही अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने पीएसी को मौके के लिए रवाना किया। पीएसी के जवान फंसे हुए नागरिकों तक पहुंचे और उन्हे सुरक्षित बाहर निकाला। बाहर निकलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सभी नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें चिकित्सकीय सहायता दी गयी । तदुपरांत उपजिलाधिकारी के नेतृत्व में सभी नागरिकों को बाढ़ शरणालय ले जाया गया, जहां उन्हे भोजन और रहने की सुविधा उपलब्ध करायी गयी ।
इसी क्रम में दूसरे चरण में गंगेपुर के पास नदी में एक नाव पलटने से 5 लोगों के सामने डूबने का खतरा उत्पन्न हो गया, जिन्हे भी पीएसी की टीम द्वारा बचाया गया व उनका उपचार भी किया गया । तथा गंगेपुर बाढ़ चौकी के निकट अग्निकांड की घटना सुनाई दी घटना सुनते ही अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने तत्काल अग्निशमन विभाग को निर्देशित किया कि वह घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य करना सुनिश्चित करें।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व/ इंसिडेंट कमांडर श्री आजाद भगत सिंह ने कहा कि राज्य स्तरीय मॉकड्रिल के आयोजन से हमें बहुत कुछ नया जानने समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इस मॉक ड्रिल के माध्यम से उपस्थित जनता को जागरूक किया गया। आम जनमानस इसका अधिक से अधिक बाढ़ की स्थिति में लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि जितने लोग यहां पर उपस्थित हो, सभी लोग अपने एंड्रॉयड फोन से गूगल एप पर जाकर सचेत ऐप को डाउनलोड कर ले, जिसमें बाढ़ बचाव के संबंध में अधिक से अधिक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में बिजली गिरने से बचने के लिए दामिनी ऐप को भी डाउनलोड करें, ताकि बिजली गिरने से पहले ही आपको सूचना मिल जाए कि इस स्थान पर बिजली गिरने वाली है और आप सतर्क हो जाए। अन्य जनपदों व अपने जनपद की तैयारियों की जानकारी हुई। उन्होंने कहा कि जनपद आजमगढ़ बाढ़ और डूबने की दृष्टि से दोनों आपदाओं में अति संवेदनशील जनपद है। इस तरह के आयोजन से हमारी आपदाओं से लड़ने की दक्षता बढ़ती है व आमजन में भी जागरूकता आती है।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी श्री अतुल कुमार गुप्ता, एनडीआरएफ, पीएसी के जवान आदि व स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।




