सहानुभूति बटोरने से नहीं मिलेगा लाभ, केजरीवाल की नौटंकी को जनता करेगी खारिज : योगेंद्र चांदोलिया

There will be no benefit in garnering sympathy, people will reject Kejriwal's drama: Yogendra Chandolia

 

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को आम आदमी पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दो दिन बाद सीएम पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। इसके बाद द‍िल्‍ली की सियासत गरमा गई है।

 

दिल्ली से भाजपा सांसद योगेंद्र चांदोलिया ने कहा कि टीवी पर खबरें चल रही हैं कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देगें। भारतीय जनता पार्टी उन पर लगातार दबाव बनाए हुए थी। शराब घोटाले मामले में सीएम अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और सत्येंद्र जैन पर भ्रष्‍टाचार के आरोप हैं और अब सीएम केजरीवाल एक नया नाटक कर रहे हैं।

चांदोलिया ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने उनको बेल दी है, उस बेल के साथ शर्त लगाई है कि वो मुख्यमंत्री कार्यालय नहीं जाएंगे, फाइल पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे, तथ्यों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे, इसके बाद केजरीवाल के लिए क्या कुछ बचा है? सुप्रीम कोर्ट द्वारा इतनी पाबंदियां लगाने का मतलब केजरीवाल दोषी हैं। अगर सुप्रीम कोर्ट उस केस को बंद कर देता, तो हम मान लेते कि केजरीवाल सही हैं और भारतीय जनता पार्टी व दिल्ली की जनता गलत थी।

भाजपा सांसद ने कहा, अब मनीष सिसोदिया कह रहे हैं कि मैं जब जनता के बीच तब जाऊंगा, जब मेरे केस खत्म हो जाएंगे। इसका मतलब यह है कि दोनों एक ही थैली के चट्टे बट्टे हैं। मनीष सिसोदिया मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते, क्योंकि केजरीवाल का दबाव है। भारतीय जनता पार्टी का संघर्ष रंग लाया है। केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट के दबाव में इस्तीफा देने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट ने जो शर्त लगाई है, उसमें केजरीवाल के हाथ पांव बांध दिए गए हैं। अब केजरीवाल अपनी पत्‍नी सुनीता केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनाएंगे और शीश महल का आनंद लेंगे। दिल्ली की जनता केजरीवाल के नाटक को जान चुकी है।

उन्होंने कहा कि आज दिल्ली की सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे है, सड़क का पता नहीं है। लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा, झुग्गी बस्ती में लोगों के हजारों रुपये के बिल आ रहे हैं। केजरीवाल के शासन में दिल्ली में विकास के नाम पर कोई काम नहीं हुआ। अभी तो शुरुआत हुई है, तमाम घोटालों में केजरीवाल को जेल जाना पड़ेगा। सहानुभूति बटोरने से कोई लाभ नहीं होगा, दिल्ली की जनता इन्हें सबक जरूर सिखाएगी।

दरअसल दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने रविवार को पार्टी नेताओं संबोधित करते हुए कहा, “मैं जब जेल में था, तो भाजपा वालों ने पूछा कि केजरीवाल ने अपने पद से इस्तीफा क्यों नहीं दिया। इन्होंने विपक्ष के सभी लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए। ये लोग हमारी ईमानदारी से डरते हैं, क्योंकि ये ईमानदार नहीं है। आज मैं आप की अदालत में आया हूं, जनता की अदालत में आया हूं। आपसे पूछने आया हूं कि क्या आप केजरीवाल को ईमानदार मानते हो कि गुनहगार । दो दिन के बाद मैं सीएम पद से इस्तीफा देने जा रहा हूं। मैं तब तक सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा, जब तक जनता अपना फैसला न सुना दे। आप अपना फैसला सुनाओगे, तब मैं उस कुर्सी पर बैठूंगा।

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