अल्लाह ने नबी को मोअल्लिमे कायनात बनाकर दुनिया मे भेजा : मौलाना मो. इब्राहिम चतुर्वेदी
मरकजी सीरत कमेटी द्वारा 59वां दो रोजा अजीमुश्शान जल्सा हुआ आयोजित

रिपोर्ट अशरफ संजरी
भदोही। मर्कज़ी सीरत कमेटी द्वारा 59वां दो रोजा अजीमुश्शान जश्ने ईद मिलादुन्नबी सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम बड़े ही अक़ीदतो एहतेराम के साथ बीती रात मनाया गया। जल्से का आगाज़ इमामे ईदगाह हाफिज परवेज उर्फ अच्छे मियां ने अल्लाह की मुक़द्दस किताब क़ुरआने हकीम की तिलावत से की। उसके बाद हज़रते हस्सान रज़ि.की सुन्नत अदा करते हुए मकबूल भदोहवी, जावेद आसिम भदोहवी व नेहाल हबीबी ने शहंशाहे बतहाँ सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम के जलवागरी की ख़ुशी अपने अशआर के ज़रिये सामेइन तक पहुंचा रहे थे की दोनों जहां के मालिको मुख्तार आ गए सरकार आ गए मेरे सरकार आ गए तो मरहबा की सदायें चारो तरफ फ़ज़ाओं में गूंजने लगी। मेम्बरे नूर पे जलवागर नेपाल से चल कर आए हज़रते अल्लामा मौलाना इब्राहिम चतुर्वेदी ने मुस्तफ़ा जाने रहमत स. की सीरते तैयबा पर रौशनी डालते हुए कहा कि दुनिया की सभी किताबो में मेरे नबी की दुनिया मे आने की बात कही गई है। कहा कि हर किताबो में लिखा है कि मक्का की धरती अमन शांति की धरती पर एक ऐसा बालक जन्म लेगा जिसका नाम मोहम्मद होगा और मोहम्मद का दीन धीरे-धीरे ऐसा फैल जाएगा जिसको मिटाना असंभव होगा। और वह मोहम्मद पूरी दुनिया मे अमन (शांति) का संदेश देगा। मौलाना ने कहा मेरे नबी को अल्लाह ने मोअल्लिमे क़ायनात बना कर दुनिया मे भेजा है। कहा अल्लाह ने नबी को सबसे खूबसूरत और लाजवाब बना कर दुनिया मे भेजा कि जिसका सानी कोई नही है। अल्ल्लाह ने नबी की खूबसूरती और बड़ाई कुरआने मुक़द्दसा में बयान की। नबी दुनिया मे आये चारो तरफ अमन का परचम बुलंद हुआ। बेवाओं को जीने का हक मिला, यतीमो को सहारा मिला, बच्चियों को ज़िंदगी मिली। अब कोई सताया नही जाएगा अब किसी को परेशान नही किया जाएगा। मेरे नबी सरापा इंसानियत के अलम्बरदार है। मौलाना ने कहा अल्लाह और नबी को खुश करना चाहते हो तो नमाज को कायम करो। नमाज नबी की आंख की ठंडक है। नबी के बताए हुए रास्ते पर चल कर दुनिया व आख़ेरत को कामियाब किया जा सकता है। हजरत अल्लामा व मौलाना फैसल अशरफी ने कहा की अल्लाह ने अपने प्यारे महबूब नबी-ए-आखेरुज़्ज़मा सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम को सारे आलम के लिए रहमत बना कर भेजा। कहा मुस्तफा जाने रहमत स.की एक-एक अदा दुनिया वालो के लिए दर्स है। कहा मोहब्बते रसूल ही ईमान की दलील है। मौलाना ने कहा की आक़ा अलैहिस्सलाम ने अपने किरदार से अपने अख़लाक़ से ज़मान-ए-जाहिलियत को मजहबे इस्लाम के साँचे में ढाला।क़ुर्बान जाएँ प्यारे मुस्तफा जाने रहमत स.पे ज़माना कुफ्रो ज़लालत और शिर्क के अंधेरो में गोता लगा रहा था चारो तरफ बेहयाई आम थी गरीबो मिस्कीनों यतिमो बेवाओ की ज़िंदगियाँ सिसक रही थी ऐसे में अल्लाह ने अपने महबूब को दुनिया में रहमतल्लिलआलमीन बना कर भेजा। आक़ा ने अपने अखलाके हसना से दुश्मनों को भी अपना बनाया, गरीबो, यतीमो, बेवाओं को इज्जत की चादर दी उन्हें ऊंचा मुकाम अता किया। तो ये है प्यारे मुस्तफा जाने रहमत स.का अखलाके हसना। नबी ने हमें यही दर्स दिया की अपने अख़लाक़ को बलंदोबाल कर लो तुम्हे कामियाबी अता कर दी जायेगी तुम्हे इज्ज़तों एकराम से नवाज़ दिया जाएगा। जल्से की सदारत मौलाना फैसल अशरफी ने की तो ज़ेरे नेज़ामत मो.आसिफ रहे।



