सीरिया में असुरक्षा और मुद्रास्फीति ने मानवीय चिंता को बढ़ाया : संयुक्त राष्ट्र

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संयुक्त राष्ट्र, 24 जनवरी (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र ने सीरिया के उत्तर और उत्तर-पूर्व में बढ़ती असुरक्षा और मुद्रास्फीति को लेकर चिंता जाहिर की है। दरअसल, हाल ही यूफ्रेट्स नदी के बांध के पास हुए हमले और देशव्यापी आर्थिक चुनौतियों ने सीरिया में मानवीय चिंता को बढ़ा दिया है।

संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के मानवीय मामलों के समन्वय (ओसीएचए) ने कहा कि असुरक्षा की चिंता उत्तर-पूर्व सीरिया में जारी गोलाबारी और अन्य घटनाओं की खबरों से बढ़ गई है। इसमें अल-हसाकेह गवर्नरेट और उत्तरी अलेप्पो गवर्नरेट में स्थित तिशरीन बांध के पास क्षेत्र शामिल हैं।

ओसीएचए ने कहा कि आर्थिक चुनौतियों में राष्ट्रव्यापी मूल्य वृद्धि और क्षेत्रीय बैंकिंग सेवाओं की कमी, नकदी सहायता कार्यक्रमों पर रोक और लोगों की आजीविका तथा मानवीय अभियानों को बाधित करना शामिल हैं।

ईंधन और परिवहन लागत का जिक्र करते हुए मानवीय सहयोगियों ने बताया कि उनकी अधिकांश मोबाइल टीमें शहरी क्षेत्रों में रहती हैं, इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों को परामर्श और मनोवैज्ञानिक सहायता जैसी सेवाओं से वंचित रखा गया है।

दमिश्क में ट्रांसपोर्टेशन की बढ़ती लागत शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों की महत्वपूर्ण कमी का कारण बन रही है।

उत्तर-पश्चिमी इदलिब प्रांत समेत कुछ क्षेत्रों में हीटिंग ईंधन की कीमतें 50 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं, जहां 1.5 मिलियन लोग विस्थापन शिविरों में रहते हैं। टेंट में रहने वालों के पास हीटिंग ईंधन तक सीमित पहुंच है, जिससे सर्दी का मौसम विशेष रूप से उनके लिए कठिन हो जाता है।

पिछले साल इदलिब और अलेप्पो में शिविरों में 12,000 से अधिक परिवार के टेंट और आश्रय, आग-बाढ़, हवा और अन्य घटनाओं से क्षतिग्रस्त हो गए थे।

समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, कार्यालय ने कहा कि उसने अलेप्पो के पश्चिमी ग्रामीण इलाकों का दौरा किया, जहां उसके सहयोगियों ने सीरिया मानवीय कोष द्वारा वित्त पोषित नकद-कार्य, शांति स्थापना और शिक्षा गतिविधियों को लागू किया।

मानवीय सहायता कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनकी यात्रा से पता चलता है कि क्षेत्र में लौट रहे लोगों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, इनमें से अधिकांश उत्तर-पश्चिमी सीरिया में विस्थापित हो गए थे। अब परिवार क्षतिग्रस्त और लूटे हुए घरों में रह रहे हैं, जिनमें अक्सर दरवाजे और खिड़कियों जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी होती है।

–आईएएनएस

एफएम/सीबीटी

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इनपुट. आईएएनएस के साथ

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