गुरुपूर्णिमा के अवसर पर निजामाबाद गायत्री प्रज्ञा पीठ पर हुआ दीक्षा संस्कार, पूजन, यज्ञ,जाप,हवन और भंडारा

On the occasion of Guru Purnima, initiation ceremony, worship, yajna, chanting, havan and bhandaar were held at Nizamabad Gayatri Prajna Peeth

प्रेमप्रकाश दुबे की रिपोर्ट

निजामाबाद आजमगढ़। निजामाबाद गायत्री प्रज्ञा पीठ मंदिर पर आज गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालु गायत्री प्रज्ञा पीठ मंदिर पर पहुंचकर गायत्री माता के चरणों में शीश झुकाकर माता से अपने और अपने परिवार के लिए सुख समृद्धि की कामना किए।मंदिर की साफ सफाई और मंदिर को सजाने का कार्य एक दिन पहले से ही राधिका मौर्य और प्रियांशु मौर्य द्वारा देर रात तक किया गया।मंदिर को गुब्बारो और विद्युत झालरों से सजाया गया था।मंदिर की सजावट मन को मोह ले रही थी।मंदिर के कर्मकांडी मिठाई लाल चौहान ने मंदिर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को माता गायत्री का जाप, यज्ञ ,पूजन, हवन करवाये और प्रसाद वितरित करवाए।मंदिर पर सुंदर काण्ड भी हुआ।भंडारे में श्रद्धालुओं ने चढ़ बढ़ कर हिस्सा लिया।मिठाई लाल चौहान ने कहा कि परमपूज्य गुरुदेव को इस युग के विश्वामित्र की संज्ञा दी गई है।क्योंकि उन्होंने विलुप्त हो रही या यों कहें कि विलुप्त हो चुकी गायत्री महाविद्या को न केवल पुनर्जागृत किया,वरन उसे सर्वसुलभ, यहां तक कि विश्वव्यापी बना दिया। गायत्री का महामंत्र समष्टि को सम्यक दिशा में ले जाने वाला मंत्र है।सन्मार्ग के पथ पर चलने के लिए प्रेरित करने वाला मंत्र है।सद्बुद्धि की प्रेरणा प्रदान करने के कारण ही मां गायत्री को वेदमाता कहा गया है। राधिका मौर्या ने कहा कि मां गायत्री की चेतना ही वह स्फूर्णा है,जो ब्रह्मा जी के मुख से चारों वेदों के रूप में निस्सृत हुई।यही कारण है कि उन्हें वेद माता _विश्वमाता कह करके पुकारा जाता है।इस एक महामंत्र के भीतर समस्त वेद _ शास्त्रों का एवम उनकी शिक्षाओं का सार समाहित है।नौ शब्दों एवम चौबीस अक्षरों में वेदों के द्वारा प्रदत्त सभी महत्वपूर्ण शिक्षाओं के मूलतत्व बीजरूप में आ गए हैं। जब वे बीज अंकुरित होते हैं,पुष्पित एवम पल्लवित होते हैं तब वे विस्तृत वैदिक वाङ्मयमय के रूप में सामने प्रकट होकर के आते हैं,जिसे वैश्विक ज्ञान संपदा का जन्मदाता कहा जा सकता है।कामिनी गुप्ता ने कहा कि यही कारण रहा कि परमपूज्य गुरुदेव ने गायत्री महाविद्या की साधना को जनसामान्य तक पहुंचाया।इस प्रकार अनेक लोगों ने गुरुदेव और माता गायत्री पर प्रकाश डाले।इस अवसर पर मंदिर पर मिठाईलाल चौहान,प्रेमप्रकाश दुबे,शुभम दुबे,रमेश मौर्य,अरविंद गुप्ता,प्रेमचंद यादव,प्रियांशु मौर्या,राधिका मौर्या,निशा दुबे,प्रियांशी मौर्या,दिव्यांशी मौर्या,प्रियांशी गुप्ता ,किरन मौर्य,निर्मला मौर्य,कामिनी गुप्ता,रिमझिम गुप्ता सहित सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर पर उपस्थित रहे।

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