जौनपुर में न्याय की जीत:धमकी और जबरन वसूली पर चार अफसर नपे
हाईकोर्ट के आदेश पर खुला भ्रष्टाचार का खेल, थाना प्रभारी समेत चार पर FIR

जिला ब्यूरो रिपोर्ट जौनपुर
जौनपुर। जनहित में दायर की गई याचिका एक युवक को भारी पड़ गई। मामला मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के बड़ागांव निवासी गौरी शंकर सरोज का है, जिसने जनहित याचिका दाखिल की थी। आरोप है कि याचिका को वापस लेने के लिए पुलिसकर्मियों और लेखपाल ने उसे धमकाया, जबरन वाहन में बैठाकर थाने ले गए और दो हजार रुपये लेकर छोड़ दिया।मामले की गंभीरता को देखते हुए जब यह उच्च न्यायालय तक पहुंचा, तो हाईकोर्ट के सख्त निर्देश पर पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने स्वयं जांच की। जांच के बाद शुक्रवार रात बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंगराबादशाहपुर थानाध्यक्ष दिलीप कुमार सिंह, सिपाही पंकज मौर्य और नितेश कुमार गौड़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही आरोपी हल्का लेखपाल को भी निलंबित कर दिया गया है। सभी आरोपितों के खिलाफ संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।गौरी शंकर सरोज का आरोप है कि उसे थाने ले जाकर लगातार दबाव बनाया गया और थानाध्यक्ष ने खुद फोन कर धमकी दी। हाईकोर्ट की सख्ती और एसपी की निष्पक्ष जांच से प्रशासनिक तंत्र में खलबली मच गई है। इस कार्रवाई को शासन की “ज़ीरो टॉलरेंस” नीति के तहत एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जनहित के मुद्दों को उठाना आम नागरिकों के लिए जोखिम भरा बनता जा रहा है, और प्रशासनिक तंत्र में जवाबदेही कितनी पारदर्शी है।



