आजमगढ़:पांच साल पुराने केस में सबूतों के अभाव में चारों आरोपी ध्रुव उर्फ़ कुन्टू सिंह सहित दोषमुक्त

आजमगढ़। रंगदारी मांगने के पांच साल पुराने मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-22 के न्यायाधीश आशुतोष मणि ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए ध्रुव सिंह उर्फ़ कुन्टू सिंह सहित चार आरोपियों को सबूतों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया।अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी रंजीत सिंह निवासी धनहुआ ने थाना जीयनपुर में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि 4 अक्टूबर 2020 की शाम लगभग 5:45 बजे वह अपने मित्र संजय सिंह के साथ जीयनपुर-मुहम्मदाबाद रोड पर मौजूद था। तभी चुनुगपुर तिराहे के पास रिजवान (निवासी समुद्रपुर), उसका भाई एहसान और सुरेंद्र यादव (निवासी धुसवां) ने उनका रास्ता रोक लिया।वादी ने आरोप लगाया कि रिजवान ने पिस्तौल दिखाते हुए कहा कि ‘प्रमुख जी’ उर्फ़ कुन्टू सिंह से बात करो और उनके दुश्मनों से मेलजोल बंद कर पांच लाख रुपये की व्यवस्था करो, अन्यथा जान से मार दिया जाएगा।मामले की जांच के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से चार गवाहों की गवाही कराई गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया।बचाव पक्ष की पैरवी अधिवक्ता सर्वजीत यादव ने की। आरोपी ध्रुव सिंह उर्फ़ कुन्टू सिंह को कासगंज जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया।



