प्रधानाचार्य ने लगाए गंभीर आरोप: गबन, धमकियां और विद्यालय संचालन में हस्तक्षेप की जांच की मांग।
बैरिया (बलिया)। श्री सुदिष्ट बाबा इंटर कॉलेज, रानीगंज (बैरिया) के वर्तमान प्रधानाचार्य आलोक कुमार सिंह ने विद्यालय में वित्तीय अनियमितताओं, धमकियों और शैक्षिक वातावरण में अवांछनीय हस्तक्षेप को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की है। आलोक कुमार सिंह का कहना है कि पूर्व प्रधानाचार्य अशोक पांडेय पर पूर्व में 46 लाख रुपए के गबन का आरोप था, जिसकी जांच शासन स्तर पर चल रही थी। अब जब यह मामला पुनः सुर्खियों में आया है, तो उन्हें इसे वापस लेने के लिए लगातार डराया और धमकाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, “अशोक पांडेय ने मुझसे कहा कि यदि मामला वापस नहीं लिया गया तो मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाएगा, यहां तक कि नौकरी भी नहीं करने दी जाएगी। उन्होंने थाने और उच्च अधिकारियों के जरिए दबाव बनाने की बात कही।”
प्रधानाचार्य का यह भी आरोप है कि इसी दौरान उनके प्रमोशन से जुड़े दस्तावेजों को अशोक पांडेय ने फाड़ दिया और उनसे अभद्रता की। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय में शैक्षणिक अनुशासन को ठेस पहुंचाई जा रही है। 15 अगस्त के झंडारोहण कार्यक्रम को लेकर भी उन्होंने असंतोष जताते हुए कहा कि शासन द्वारा निर्धारित समय सुबह 9:15 से पहले ही अशोक पांडेय ने कार्यक्रम आयोजित कर दिया।
विद्यालय प्रबंध संचालक ओमप्रकाश सिंह यादव को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी हुई है। प्रधानाचार्य का आरोप है कि अशोक पांडेय ने प्रबंधक पर मोबाइल छीनने का आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की, जबकि प्रबंधक स्वयं शारीरिक रूप से कमजोर हैं और उन्हें लगातार मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है।
विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई। प्रधानाचार्य का आरोप है कि अशोक पांडेय भूगोल विषय के शिक्षक होते हुए भी नियमित कक्षाएं नहीं लेते, छात्र-छात्राओं से अभद्र व्यवहार करते हैं और कई बार मारपीट की घटनाएं भी सामने आई हैं। एक छात्रा की पानी की बोतल तोड़ने का आरोप भी लगाया गया।
उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में कई बार छात्रों एवं शिक्षकों द्वारा उच्चाधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “यह संस्था संत सुदिष्ट बाबा के नाम पर स्थापित है। इसे भ्रष्टाचार और दबाव की राजनीति का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। मैं अपने लगाए गए आरोपों पर कायम हूं और किसी भी दबाव में आकर केस वापस नहीं लूंगा।” इस पूरे मामले में अभी तक विद्यालय प्रबंधन अथवा पूर्व प्रधानाचार्य अशोक पांडेय की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है। इधर, गोन्हिया छपरा निवासी रवींद्र बहादुर सिंह कवि ने अपने पूर्व बयान को खारिज करते हुए कहा है कि, “डीआईओएस कार्यालय बलिया पर जो बयान मैंने मीडिया को दिया था, वह मेरी अस्थिर मानसिक स्थिति के कारण था। मैंने किसी के कहने पर वह बात कही थी, जो तथ्यात्मक नहीं थी।”



