एसओ साहब ने खुद को गोली मारी’,कहकर बाहर निकली सिपाही,अब बनी हत्या की आरोपी

अरुण राय की मौत की परतें खुलने लगीं, महिला सिपाही पर हत्या का मुकदमा

अरुण राय की मौत की परतें खुलने लगीं, महिला सिपाही पर हत्या का मुकदमा

 

 

कुठौंद थानाध्यक्ष की संदिग्ध मौत: महिला सिपाही पर हत्या का मामला दर्ज, जांच एजेंसियां सक्रिय

उरई (जालौन)। शुक्रवार रात कुठौंद थानाध्यक्ष अरुण कुमार राय की उनके सरकारी आवास में सिर में सर्विस पिस्टल से गोली लगने से हुई मौत ने पूरे पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। घटना के तुरंत बाद डीएम राजेश कुमार पांडेय और एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार आधी रात को ही मौके पर पहुंचे और विस्तृत निरीक्षण किया।

मौके से मिले अहम सुराग

थानाध्यक्ष के CUG व निजी मोबाइल फोन कब्जे में लेकर कॉल डिटेल की जांच शुरू।थाने और आस-पास के CCTV फुटेज खंगाले गए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना से पहले और बाद में कौन आया और गया।

घटना वक्त थाने में मौजूद स्टाफ से पूछताछ जारी।

मौत से पहले की टाइमलाइन सामान्य, फिर क्या हुआ?

जांच में सामने आई टाइमलाइन के अनुसार, शुक्रवार रात एसओ अरुण राय की गतिविधियों में कोई असामान्य बात नहीं दिखी:

8:00 बजे – नियमित गश्त पर निकले

कई गांवों और चौराहों का निरीक्षण

कुठौंद कस्बे में महायज्ञ के भंडारे में पहुंचे

9:10 बजे – दुर्गा रिसॉर्ट में एक शादी समारोह में मौजूद

थोड़ी देर बाद थाने लौटे

इसके तुरंत बाद कमरे से गोली चलने की आवाज सुनाई दी

यह टाइमलाइन जांच का सबसे अहम आधार मानी जा रही है।

महिला सिपाही पर हत्या का मुकदमा

घटना के बाद बड़ा मोड़ तब आया जब एसओ की पत्नी माया राय की तहरीर पर एक महिला सिपाही के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई।इसी महिला सिपाही ने आवास से बाहर निकलकर स्टाफ को बताया था कि “एसओ साहब ने खुद को गोली मार ली”।कुछ ही देर बाद वह पीछे के रास्ते से हाईवे की ओर जाती CCTV फुटेज में दिखाई दी।

सोशल मीडिया पर तीन फुटेज वायरल हैं, हालांकि इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कौन है यह महिला सिपाही?

 

मूल रूप से मेरठ के फलावदा थाना क्षेत्र की निवासी

 

14 मार्च 2024: कोंच कोतवाली में तैनाती

 

28 अप्रैल 2025: 112 डायल पुलिस में तबादला

 

अरुण राय भी जुलाई 2024 से फरवरी 2025 तक कोंच कोतवाली में तैनात रहे थे

 

कौन थे इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय?

 

मूल निवासी: ग्राम रजनोली, संत कबीर नगर

 

1998: सिपाही के पद पर भर्ती

 

2013: उपनिरीक्षक पदोन्नति

 

2022: इंस्पेक्टर बने

 

पहली पोस्टिंग इंस्पेक्टर के रूप में: महाराजगंज

 

जालौन में मीडिया प्रभारी, फिर कोंच कोतवाली और उरई कोतवाल

 

चार महीने पहले कुठौंद थाने की कमान मिली

 

शांत, गंभीर और प्रोफेशनल अधिकारी के रूप में पहचान

 

कुठौंद थाने में दूसरी बार मौत का मामला

 

यह वही थाना है जहां 2009-10 में पूर्व थानेदार राजेश चौधरी की भी सरकारी आवास में करंट लगने से मौत हुई थी।

परिवार पर दुखों का पहाड़

 

एसओ की मौत की खबर मिलते ही पुलिस लाइन में कोहराम मच गया।

 

मां प्रभावती रो-रोकर बेसुध होती रहीं— “हाय मेरे लल्ला…”

पत्नी माया राय कई बार बेहोश हुईं

शव देखते ही गश खाकर गिर पड़ीं— “अरुण, अब हम किसके सहारे रहेंगे?”

 

 

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