Gazipur News : राज्यसभा में सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने की राज्य स्तरीय कार्यालयों के नाम बदलने की मांग

Rajya Sabha MP Dr. Sangeeta Balwant demanded renaming of state level offices

Gazipur News :

गाजीपुर।
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को राज्यसभा में संसदीय कार्यवाही के समय गाजीपुर की सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने राज्य स्तरीय प्रशासनिक कार्यालयों के नामों में बदलाव की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रशासनिक ढांचे में अभी भी शाही और सामंतवादी मानसिकता के अवशेष दिखाई देते हैं, जिससे शासन और आम नागरिकों के बीच दूरी बनी रहती है।

डॉ. संगीता बलवंत ने सदन में कहा कि जिला अधिकारी सहित उप-जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं अन्य विभागीय प्रमुखों के कार्यालयों की स्थापना औपनिवेशिक काल में की गई थी, जिनका उद्देश्य राजस्व, कानून और प्रशासन को केंद्रीकृत करना था। इस अधिकार-केंद्रित संरचना का प्रभाव आज भी अधिकारियों के व्यवहार और कार्यप्रणाली में दिखता है, जिससे जनभागीदारी सीमित होती है, पारदर्शिता घटती है तथा आम लोगों को समय पर सेवाएं प्राप्त करने में बाधाएं आती हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम “सेवा तीर्थ”, राजपथ का नाम “कर्तव्य पथ”, राजभवन का नाम “लोकभवन” तथा केंद्रीय सचिवालय का नाम “कर्तव्य भवन” रखा गया है। ये सभी नाम नागरिक-केंद्रित शासन की भावना को दर्शाते हैं और यह संदेश देते हैं कि शासन जनता के लिए, जनता द्वारा और जनता के साथ है।

इसी तर्ज पर उन्होंने मांग की कि राज्य स्तर के सभी प्रशासनिक कार्यालयों और पदनामों में भी बदलाव किया जाए। उदाहरणस्वरूप, जिलाधिकारी जैसे पदनाम को “जिला सेवक” जैसे सेवा-भाव को दर्शाने वाले नामों से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि अधिकारी जनता के लिए मार्गदर्शक और सहयोगी के रूप में देखे जाएं।

इससे पूर्व सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आवश्यक दवाओं और थेरेपी को न्यूनतम दरों पर उपलब्ध कराने की मांग भी संसद में उठाई है, जिससे गरीब परिवारों को राहत मिल सके।

इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रमोद वर्मा ने बताया कि डॉ. संगीता बलवंत निरंतर गाजीपुर के विकास एवं गरीब आम जनमानस के हितों की आवाज संसद में उठाती रहती हैं। उनका प्रयास रहता है कि लोगों को अधिक से अधिक सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हों और गाजीपुर जनपद विकास की मुख्यधारा से मजबूती से जुड़ सके।

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