आजमगढ़:आपदा प्रबंधन से निपटने के लिए पुलिस लाइन मे किया गया ब्लैक आउट अभ्यास
चेतावनी सायरन के उपरांत पूरे शहर में छाया अंधेरा, हवाई हमले के उपरांत बचाव कार्यों की हुई मॉकड्रिल

आजमगढ़ 23 जनवरी– नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर जनपद आजमगढ़ में भी ब्लैक आउट मॉकड्रिल की कार्रवाई का आयोजन पुलिस लाईन आजमगढ़ में किया गया। इस दौरान निर्धारित समय पर संपूर्ण परिसर की लाइटें बंद कर आपात स्थिति का वास्तविक माहौल तैयार किया गया, ताकि सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिक्रिया समय का आकलन किया जा सके।सायं 6ः00 बजे ऊंची-नीची चेतावनी सायरन के बाद पूरे शहर की लाइट बंद हो गई। अभ्यास के दौरान पुलिसकर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा गया। सायरन बजते ही सभी इकाइयों ने तय प्रोटोकॉल के तहत अपनी-अपनी जिम्मेदारियां संभालीं। अंधेरे की स्थिति में गश्त, सुरक्षा घेरा, संचार व्यवस्था और संवेदनशील बिंदुओं की निगरानी का अभ्यास कराया गया। अधिकारियों ने विभिन्न बिंदुओं पर पहुंचकर व्यवस्था का निरीक्षण किया और कमियों को नोट किया। साथ ही प्रकाश के अन्य वैकल्पिक स्रोतों को भी आम लोगों द्वारा बंद किया गया। पुलिस लाईन आजमगढ़ में आयोजित ब्लैक आउट मॉकड्रिल के दौरान आसपास के क्षेत्र सहित पूरे शहर की लाइट बंद हो गई। हवाई हमले के उपरांत बड़े एवं छोटे मकान में लगी आग को बुझाने हेतु अग्निशमन विभाग के बड़े वाहनों के साथ ही छोटे छोटे घरों में आग को अग्निशमन सिलेंडरों के माध्यम से बुझाया गया।इस दौरान स्वास्थ्य विभाग कर्मी, आपदा मित्र, एनसीसी, एनएसएस, नागरिक सुरक्षा कोर, नेहरू युवा केंद्र के वॉलिंटियर्स द्वारा घायलों के राहत, बचाव एवं उपचार की प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था, गंभीर रूप से घायल लोगों को हॉस्पिटल पहुंचाने के साथ ही साथ लोगों को बचाने हेतु शेल्टर होम भी पहुंचाया गया। इस दौरान लोगों को हवाई हमले से बचाव हेतु प्रशिक्षित करने के साथ ही हवाई हमलों के दौरान क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए, इसके संबंध में भी वॉलिंटियर्स द्वारा कार्रवाई की गई। ऊंची लंबी सायरन के उपरांत ब्लैकआउट मॉकड्रिल की कार्रवाई संपन्न हुई।ब्लैकआउट मॉकड्रिल के दौरान विद्युत, नगर विकास, स्वास्थ्य, अग्निशमन सहित आपदा से जुड़े समस्त विभागों द्वारा प्रतिभाग किया गया। ब्लैकआउट मॉकड्रिल का आयोजन नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा किया गया।अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के ब्लैक आउट अभ्यास का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, युद्ध जैसी आपात परिस्थितियों या बड़े हादसों के समय त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। नियमित अभ्यास से बल की कार्यकुशलता और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।अभ्यास के बाद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बताया गया कि भविष्य में भी इस प्रकार के मॉक ड्रिल नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए।इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन राहुल विश्वकर्मा, एडीएम वित्त एवं राजस्व गंभीर सिंह, एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह, सीओ सदर आस्था जायसवाल, अग्निशमन अधिकारी विवेक शर्मा सहित आदि लोग उपस्थित थे।



