Azamgarh News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस पर श्रीनगर में हुआ हवन-पूजन, दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना

आजमगढ़ बलरामपुर /पटवध से बबलू राय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस पर श्रीनगर में हुआ हवन-पूजन, दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना
आजमगढ़। गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के श्रीनगर (सियरहां) स्थित राधा-कृष्ण शिव मंदिर परिसर में शुक्रवार को सायं काल उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय एवं यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के 54वें जन्मदिवस के शुभ अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चित्र पर तिलक लगाकर माल्यार्पण किया गया तथा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन कर उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की गई।
कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह भक्ति और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत रहा। उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व, उनकी जनकल्याणकारी नीतियों तथा प्रदेश के विकास में उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए अपने-अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को विकास, सुरक्षा और सुशासन की नई दिशा प्रदान की है, जिसके कारण प्रदेश देशभर में अपनी अलग पहचान बना रहा है।
इस अवसर पर सार्थक राय ने विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना और हवन सम्पन्न कराया। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के हित में कार्य करने वाले नेतृत्व का सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए ईश्वर से प्रार्थना करना भारतीय संस्कृति की महान परंपरा का हिस्सा है।
कार्यक्रम में विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष आचार्य त्रिपुरारी राय, जिला महामंत्री जय जय राम प्रजापति, जिला संयोजक आदित्य नारायण वर्मा, मंडल प्रभारी दुर्गा प्रसाद गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जितेंद्र राय, जिला संगठन मंत्री अमूल्य जायसवाल, उमेश चंद्र राय, राम नवल राय, लाल बहादुर राय शास्त्री, श्रीनिवास राय, बालेश्वर प्रजापति, गोपाल यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और प्रदेश की निरंतर उन्नति के लिए सामूहिक प्रार्थना की तथा प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।



