Azamgarh news :व्हाट्सएप पर परिचित की डीपी लगाकर की गई साइबर ठगी का रुपया पुलिस ने पीड़ित को कराया वापस
व्हाट्सएप पर परिचित की डीपी लगाकर की गई साइबर ठगी का रुपया पुलिस ने पीड़ित को कराया वापस

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
बरदह थाना अंतर्गत बैरी निवासी सुनील कुमार पुत्र जियालाल के व्हाट्सएप पर एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसके परिचित की डीपी लगाकर मैसेज किया गया तथा विश्वास में लेकर ₹30,000 की धनराशि अपने खाते में ट्रांसफर करा ली गई। स्वयं को परिचित बताकर की गई इस धोखाधड़ी का पता चलने पर पीड़ित द्वारा एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत संख्या- 23110250168198 दर्ज कराई गई।
शिकायत प्राप्त होने पर साइबर हेल्प डेस्क थाना बरदह द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खाते में फ्राड की धनराशि ₹30,000 होल्ड कराई गई। तत्पश्चात आवश्यक विधिक कार्यवाही एवं माननीय न्यायालय से प्राप्त फंड रिलीज ऑर्डर के क्रम में संबंधित बैंक के नोडल अधिकारी से समन्वय स्थापित कर पीड़ित के खाते में ₹30,000 की संपूर्ण धनराशि वापस कराई गई।
साइबर फ्राड के सामान्य तरीके-
व्हाट्सएप पर परिचित या रिश्तेदार की डीपी लगाकर पैसे मांगना।
फर्जी कस्टमर केयर नंबर के माध्यम से ठगी करना।
केवाईसी अपडेट, बैंक खाता बंद होने या इनाम जीतने का झांसा देना।
फर्जी लिंक भेजकर बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त करना।
ऑनलाइन खरीद-बिक्री के नाम पर एडवांस भुगतान लेकर धोखाधड़ी करना।
सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर परिचितों से धन की मांग करना।
साइबर फ्राड से बचाव के उपाय-
किसी भी व्यक्ति द्वारा व्हाट्सएप, सोशल मीडिया या फोन पर पैसे मांगने पर पहले उसकी पहचान की पुष्टि अवश्य करें।
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
ओटीपी, सीवीवी, यूपीआई पिन एवं बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
बैंक अथवा सरकारी संस्था कभी भी फोन पर गोपनीय जानकारी नहीं मांगती है।
संदिग्ध कॉल, मैसेज अथवा लिंक से सावधान रहें।
साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें आजमगढ़ पुलिस आमजन से अपील करती है कि साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों से सतर्क रहें तथा किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत सूचना देकर समय रहते अपनी धनराशि सुरक्षित कराएं।



