आजमगढ़:ऑटो चालकों से आरटीओ से वार्ता रही विफलऑटो चालकों ने खोला मोर्चा
Azamgarh news:मुआवजा नहीं मिलने से ऑटो चालकों में आक्रोश किसी भी समय चक्का जाम हड़ताल की चेतवानी

आजमगढ़ में रुपये के विवाद में युवक पेड़ से लटका
Azamgarh News:मारपीट के दौरान एक युवक की हुई मौत दूसरा हुआ घायल परिवार वालों ने लगाया आरोप*
आजमगढ़। आटो रिक्शा चालक से समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले चालकों को लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर संगठन ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष । कृपाशंकर पाठक के नेतृत्व में चालकों ने जिलाधिकारी से वार्ता के बाद मांग पत्र सौंपकर प्रशासन को चेताया है कि यदि चालकों की जायज मांगें जल्द पूरी नहीं हुई, तो संगठन किसी भी समय उग्र आंदोलन, धरना प्रदर्शन और चक्का जाम करने को बाध्य होगा। जिलाधिकारी के आदेशानुसार मंडला आयुक्त आरटीओ प्रशासन से संगठन को वार्ता के लिए कहा गया। ऑटो चालक समिति उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधि मंडल संभागीय परिवहन अधिकारी आजमगढ़ से वार्ता किया गया। संभागीय आरटीओ परिवहन द्वारा संतुष्ट वार्ता से आक्रोशित ऑटो चालकों ने आरटीओ कार्यालय पर ही आरटीओ प्रशासन के खिलाफ जिंदा मुर्दाबाद के नारे भी लगाया गया विफल वार्ता से ऑटो चालकों में ऑटो चालक गुस्सा और आक्रोश देखने को मिला अध्यक्ष कृपा शंकर पाठक द्वारा एक बार पुनः आंदोलन के राह पर चलने के लिए मजबूर है क्योंकि उनकी मांगों पर समुचित विचार नहीं कर पा रहे हैं केवल वार्ता के नाम पर बार-बार हम उनसे बात करेंगे हम उनसे बात करेंगे यह कहकर के टाला जा रहा है और चालकों का मत है कि जब अगर परमिट उन्होंने 15 साल का नहीं दिया तो उसका मुआवजा दिया जाय।प्रदेश अध्यक्ष कृपाशंकर पाठक ने आरोप लगाया कि केंद्रीय परिवहन नियमों का उल्लंघन कर चालकों का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय परिवहन विभाग के नियमानुसार डीजल ऑटो रिक्शा का परमिट 15 साल के लिए होना चाहिए और वन टाइम टैक्स के नाम पर पूरे 15 वर्ष का शुल्क भी वसूला गया।प्रदूषण के नाम पर वर्ष 2010 से परमिट को केवल 10 साल का कर दिया गया। प्रशासन की इस हठधर्मिता के कारण तमाम ऑटो चालक आज भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं।संगठन ने मांग की है कि जिन चालकों को पूरे 15 साल का परमिट उपयोग नहीं करने दिया गया, उन्हें प्रशासन व्याज सहित उचित मुआवजा दे। साथ ही, परमिट प्रतिबंधित होने के बावजूद कुछ चुनिंदा गाड़ियों के परमिट कैसे बनाए गए, इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। आरटीओ द्वारा आजमगढ़ में 48केंद्रों से परमिट तो जारी कर दिए गए हैं, लेकिन एक भी स्थान पर अधिकृत ऑटो स्टैंड विकसित नहीं किया गया है। इसके कारण शहर और ग्रामीण इलाकों में चालकों को गाड़ी खड़ी व करने तथा सवारी उतारने-चढ़ाने में भारी कठिनाई होती है और वे आए दिन पुलिस के चालान का शिकार बनते हैं।मुआवजा नहीं मिलने से ऑटो चालकों में आक्रोश किसी भी समय चक्का जाम हड़ताल की चेतवानी।इस दौरान छोटेलाल, शाहिद अहमद, राम अवतार, कैलाश यादव, हलधर दुबे, वीरेंद्र यादव, मुकेश, सनी गुप्ता, संरक्षक प्रभु नारायण प्रेमी, श्रवण कुमार यादव, नागेंद्र मौर्य, शिवप्रसाद आदि मौजूद रहे।



