Azamgarh News:जमुवारी-सोनौरा संपर्क मार्ग पर पुलिया में फंसा युवक का पैर, एक घंटे तक चला रेस्क्यू अभियान
आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
जमुवारी-सोनौरा संपर्क मार्ग पर पुलिया में फंसा युवक का पैर, एक घंटे तक चला रेस्क्यू अभियान
आजमगढ़ जनपद के रौनापार थाना क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाके में गुरुवार की शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जमुवारी-सोनौरा संपर्क मार्ग पर ह्यूम पाइप से बनी पुलिया के बीच एक युवक का पैर घुटने तक फंस गया। युवक को बाहर निकालने के लिए करीब एक घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा। ग्रामीणों, पुलिस और राजस्व विभाग की टीम के प्रयास से युवक को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। जानकारी के अनुसार, रौनापार पश्चिम पट्टी निवासी सूरज कुमार (25) गुरुवार की शाम करीब 7:30 बजे अपने दोस्त विवेक कुमार को सोनौरा छोड़ने के लिए जमुवारी-सोनौरा संपर्क मार्ग से जा रहा था। इसी दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में ह्यूम पाइप से बनी पुलिया को पार करते समय अचानक उसका पैर पुलिया में लगे दो पाइपों के बीच बने गैप में फंस गया। पैर घुटने तक फंस जाने के कारण युवक काफी परेशान हो गया और उसने मदद के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया। युवक की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने अपने स्तर से काफी प्रयास कर युवक का पैर निकालने की कोशिश की, लेकिन पाइपों के बीच पैर बुरी तरह फंस जाने के कारण सफलता नहीं मिली। ग्रामीणों ने तत्काल रौनापार पुलिस को घटना की सूचना दी।
सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष सुनील कुमार दुबे, उपनिरीक्षक मधुसूदन मिश्र तथा राजस्व निरीक्षक श्यामसुंदर यादव पुलिस एवं राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के बाद ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की मदद से युवक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू कराया। समाजसेवी प्रदीप सहाय और ग्रामीणों के सहयोग से छेनी-हथौड़ी की मदद से पुलिया को काटने का काम शुरू किया गया। काफी सावधानी और मशक्कत के बाद करीब एक घंटे में पाइप के बीच फंसे युवक के पैर को बाहर निकाला जा सका।
पैर बाहर निकलने के बाद युवक ने राहत की सांस ली। वहीं, रौनापार थानाध्यक्ष सुनील कुमार दुबे ने बताया कि युवक का पैर पुलिया के पाइपों के बीच फंस गया था। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से रेस्क्यू कर युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। युवक सकुशल है और उसे उसके घर पहुंचा दिया गया है।



