Azamgarh News: भक्ति में डूबा बिलरियागंज, गूंजे ‘नंद घर आनंद भयो’ के जयकारे

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
भक्ति में डूबा बिलरियागंज, गूंजे ‘नंद घर आनंद भयो’ के जयकारे
राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों से सजे मंदिर और घर, छप्पन भोग से महका कान्हा का दरबार
आजमगढ़ जनपद के बिलरियागंज क्षेत्र में “जहां कान्हा का नाम हो, वहां हर शाम सुहानी होती है,
जहां मुरली की तान बजे, वहां हर सांस दीवानी होती है।
इन्हीं भक्तिमय भावनाओं के बीच शुक्रवार को बिलरियागंज क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूरे श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। मंदिरों से लेकर घरों तक राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियां सजाई गईं और देर रात तक भजन-कीर्तन, हरि संकीर्तन तथा जयकारों से पूरा क्षेत्र कृष्णमय बना रहा।
मां कालिका मंदिर मानपुर में पुजारी हरिश्चंद्र पांडे के नेतृत्व में भव्य झांकी सजाई गई। सुबह से ही ग्रामीणों ने पहुंचकर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। वहीं सरैया बाजार में दुख्खी मौर्य के नेतृत्व में हरे कृष्णा संकीर्तन के साथ भव्य रूप से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया।
श्री राधा-कृष्ण शिव मंदिर श्रीनगर (सियरहां), प्राचीन शिव मंदिर पटवध कौतुक तथा शिव मंदिर पटवध सरैया बाजार में भी विशेष धार्मिक आयोजन हुए। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। अखंड रामायण कथा, राम नाम संकीर्तन और हरि कीर्तन के बीच श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण का विधि-विधान से पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
जन्माष्टमी की रौनक केवल मंदिरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि घर-घर कान्हा का दरबार सजा। लोगों ने बाल गोपाल और राधा-कृष्ण की सुंदर झांकियां सजाकर भगवान को विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का छप्पन भोग अर्पित किया।
जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां मध्यरात्रि की ओर बढ़ीं, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की आस्था भी चरम पर पहुंचती गई। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का शुभ क्षण आते ही शंख, घंटा-घड़ियाल और जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
“नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से हर गली-मोहल्ला गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने बाल गोपाल की आरती उतारी और एक-दूसरे को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद एवं भंडारे का वितरण किया गया।
पूरे बिलरियागंज क्षेत्र का नजारा ऐसा था मानो भक्ति की यमुना बह रही हो और हर घर नंद भवन बन गया हो। बच्चों की आंखों में कान्हा की छवि थी तो बुजुर्गों के होठों पर कृष्ण नाम। देर रात तक मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और भक्तिमय वातावरण के बीच श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
मुरली की तान में खोया हर दिल, कान्हा के रंग में रंगा संसार,
बिलरियागंज में जन्मे नंदलाला, खिल उठा भक्ति का दरबार।



