Azamgarh News:आजमगढ़ पुलिस की दिनभर की प्रमुख कार्रवाई: मंदिर चोरी का खुलासा, साइबर ठगी की रकम वापस

आजमगढ़ बलरामपुर /पटवध से बबलू राय
आजमगढ़, 8 सितंबर। आजमगढ़ पुलिस ने मंगलवार को विभिन्न मामलों में कार्रवाई करते हुए मंदिर चोरी का खुलासा कर अंतर्जनपदीय महिला अभियुक्ता को गिरफ्तार किया। वहीं साइबर ठगी और गलती से दूसरे खाते में ट्रांसफर हुई रकम को भी पुलिस की साइबर टीम ने वापस कराया। इसके अलावा बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की समीक्षा और आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया गया।
श्रीराम-जानकी मंदिर में चोरी का खुलासा, महिला गिरफ्तार
सरायमीर थाना क्षेत्र के नई बाजार स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर में 5 सितंबर को हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक दोपहर करीब 2:38 से 2:45 बजे के बीच एक महिला मंदिर में दाखिल हुई और रामदरबार तथा दुर्गा माता के गर्भगृह में रखे चांदी के मुकुट, पीली धातु की नथुनी और नकदी चोरी कर ली। चोरी का सामान महिला ने बाद में झाड़ियों में छिपा दिया था।मामले में 6 सितंबर को सरायमीर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मंगलवार को पुलिस ने वांछित अंतर्जनपदीय अभियुक्ता को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद कर लिया। बरामद सामान में एक सफेद धातु का चिपटा मुकुट, एक पीली धातु की नथुनी और 403 रुपये नकद शामिल हैं। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 317(2) की बढ़ोतरी की गई है।पुलिस के अनुसार अभियुक्ता के खिलाफ जौनपुर और अंबेडकरनगर के विभिन्न थानों में चोरी, चोरी के माल से संबंधित अपराध और आबकारी अधिनियम के कुल सात मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
साइबर ठगी में 32 हजार रुपये वापस
कोतवाली थाना क्षेत्र की एक महिला से डिलीवरी के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार निराला नगर निवासी वंदना श्रीवास्तव से फोन पर संपर्क कर ठग ने डिलीवरी के नाम पर झांसे में लिया, जिसके बाद महिला ने कुल 1,26,999 रुपये ट्रांसफर कर दिए।साइबर फ्रॉड का पता चलने पर पीड़िता ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। कोतवाली की साइबर टीम ने साइबर क्राइम पोर्टल पर प्राप्त शिकायत पर कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक और अन्य माध्यमों से समन्वय किया। प्रयास के बाद ठगी की रकम में से 32 हजार रुपये पीड़िता के खाते में वापस करा दिए गए। शेष धनराशि की वापसी के लिए कार्रवाई जारी है।
गलती से दूसरे खाते में भेजे 25 हजार रुपये भी वापस
फूलपुर थाना क्षेत्र में रिश्तेदार को पैसा भेजते समय गलती से दूसरे खाते में ट्रांसफर हुए 25 हजार रुपये भी साइबर हेल्पडेस्क ने वापस करा दिए। रसुलपुर जोखू निवासी शशिकला यादव ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि रकम दूसरे खाते में चली गई और संबंधित व्यक्ति ने पैसा वापस करने से इनकार कर दिया।साइबर हेल्पडेस्क फूलपुर ने मामले की जांच करते हुए संबंधित बैंक से संपर्क किया। यूनियन बैंक के नोडल अधिकारी और शाखा प्रबंधक से दूरभाष एवं ई-मेल के माध्यम से समन्वय कर पूरी 25 हजार रुपये की धनराशि शिकायतकर्ता के खाते में वापस करा दी गई।
लाइन्स आजमगढ़ के सभागार में मंगलवार को विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) और थाना ए.एच.टी. की मासिक समीक्षा एवं समन्वय गोष्ठी आयोजित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में हुई बैठक की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक यातायात एवं नोडल अधिकारी थाना ए.एच.टी./SJPU ने की।बैठक में चिकित्सा, श्रम विभाग, किशोर न्याय बोर्ड, अभियोजन, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, जीआरपी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, ए.एच.टी./SJPU के कर्मचारी और एनजीओ प्रतिनिधि मौजूद रहे। बाल कल्याण अधिकार, आयु निर्धारण, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा किशोर न्याय अधिनियम-2015 से जुड़े मामलों पर चर्चा की गई। अधिकारियों को संवेदनशील और विधिसम्मत कार्रवाई के साथ आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
पुलिस कार्यालय आजमगढ़ में मंगलवार को जनसुनवाई आयोजित कर विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं। अधिकारियों ने शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जनसुनवाई में अपर पुलिस अधीक्षक नगर, सहायक पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ ईश्वर गुर्जर और क्षेत्राधिकारी नगर ने लोगों की शिकायतें सुनीं। अधिकारियों ने शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनाए रखने पर जोर दिया।
12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए यातायात पुलिस ने शहर के विभिन्न चौराहों, तिराहों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाया। लाउडस्पीकर और पंपलेट के माध्यम से लोगों को लोक अदालत के लाभों की जानकारी दी गई।पुलिस ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में यातायात चालानों के साथ शमनीय आपराधिक वाद, वैवाहिक विवाद, चेक बाउंस से जुड़े मामले और बैंक रिकवरी आदि मामलों का आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण कराया जा सकता है। यातायात पुलिस ने अधिक से अधिक लोगों से राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की।



