Azamgarh News:कयाड़ नदी का अधूरा पुल बना हादसे का सबब, पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश
आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
कयाड़ नदी का अधूरा पुल बना हादसे का सबब, पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश
बिलरियागंज/पटवध सरैया, आजमगढ़। गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आजमगढ़-बिलरियागंज मुख्य मार्ग पर पटवध सरैया बाजार के पास कयाड़ नदी का संकरा पुल लंबे समय से हादसों का कारण बना हुआ है। संकरे पुल के चलते यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रही हैं और कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद नए पुल का निर्माण वर्षों से अधूरा पड़ा है।
यह मार्ग क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस सड़क पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में भारी वाहनों के साथ छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। यही मार्ग देवांचल क्षेत्र के साथ-साथ जीयनपुर, महाराजगंज और रौनापार सहित आसपास के कई इलाकों को जोड़ता है। ऐसे में कयाड़ नदी के पुल की स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है।
क्षेत्रीय लोगों की समस्या को देखते हुए करीब 7-8 वर्ष पूर्व पुराने पुल के बगल में नए पुल के निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत की गई थी। उस समय लोगों को उम्मीद जगी थी कि नया पुल बनने के बाद आवागमन सुगम होगा और दुर्घटनाओं पर भी रोक लगेगी, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी पुल पूरी तरह तैयार नहीं हो सका।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार इस मामले को उठाया जाता रहा। पीडब्ल्यूडी विभाग से कई बार शिकायत करने के साथ ही प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से भी खबरें प्रकाशित की गईं। नेताओं द्वारा इस गंभीर समस्या को विधानसभा में भी उठाया गया। इसके बाद विभाग ने निर्माण कार्य शुरू कर पिलर तैयार कर उनकी ढलाई तो करा दी, लेकिन इसके बाद काम फिर ठप हो गया।
नए पुल के दोनों तरफ अप्रोच रोड का निर्माण नहीं हुआ है। पुल की ढलाई के ऊपर फिनिशिंग का काम भी अधूरा पड़ा है। वहीं पुराने पुल के पास सड़क का करीब तीन से चार फीट हिस्सा क्रैक होकर धंस गया है, जिस पर झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। सड़क का यह हिस्सा कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
खासकर रात के समय भारी वाहनों और अन्य वाहनों का लगातार आवागमन होने के कारण खतरा और बढ़ जाता है। यदि किसी वाहन का पहिया अचानक सड़क के धंसे हुए हिस्से पर चला गया तो वाहन अनियंत्रित होकर नदी में गिर सकता है और बड़ी जनहानि हो सकती है।
मामले को लेकर पत्रकार द्वारा पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता विशाल पांडेय से वार्ता की गई। उन्होंने फोटो और वीडियो भेजने की बात कहते हुए कहा कि वह मामले को देखेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को स्थिति की जानकारी होने के बावजूद अभी तक मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जिस मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं, वहां वर्षों से अधूरा पड़ा पुल और धंसी हुई सड़क दुर्घटना को खुला निमंत्रण दे रही है। लोगों का कहना है कि विभाग को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय तत्काल मौके का निरीक्षण कर नए पुल का निर्माण पूरा कराना चाहिए तथा क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत और सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग करानी चाहिए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पुल का निर्माण पूरा नहीं कराया गया और सड़क को सुरक्षित नहीं बनाया गया तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।




