Azamgarh news :जिलाधिकारी के प्रयासों से ग्राम कुकरौछी में लगभग 180 लाख रुपये की लागत से बाढ बचाव नियंत्रण केन्द्र का मा0 प्रभारी मंत्री ने किया शिलान्यास
जिलाधिकारी के प्रयासों से ग्राम कुकरौछी में लगभग 180 लाख रुपये की लागत से बाढ बचाव नियंत्रण केन्द्र का मा0 प्रभारी मंत्री ने किया शिलान्यास

राहत से रिस्पान्स तक, योगी सरकार ने बदली आपदा प्रबंधन व्यवस्था- मा0 मंत्री अनिल राजभर
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व अन्य बचाव टीमों के ठहरने सहित आवश्यक सुविधाएं होंगी उपलब्ध
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगा बाढ़ बचाव नियंत्रण केन्द्र
आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
जनपद आजमगढ़ में बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी, त्वरित एवं सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंशानुरूप जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के अथक प्रयासों एवं विशेष पहल से तहसील सगड़ी अन्तर्गत ग्राम कुकरौछी में लगभग 180 लाख रू0 की लागत से बाढ़ बचाव नियंत्रण केन्द्र के निर्माण कार्य का शिलान्यास मा0 प्रभारी मंत्री अनिल राजभर द्वारा किया गया।
मा0 प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में सबसे बड़ा बदलाव यही है कि आपदा प्रबंधन को केवल मुआवजा देने की व्यवस्था से निकालकर एक सम्पूर्ण रिस्पांस सिस्टम के रूप में विकसित करने का प्रयास हुआ है। उत्तर प्रदेश में आपदा प्रबंधन में बड़ा बदलाव हुआ है, अब एसडीआरएफ से हाईटेक बाढ़ कमांड सेन्टर तक तंत्र मजबूत हुआ है। योगी सरकार ने आपदा प्रबंधन को महज राहत वितरण तक सीमित रखने के बवाय, इसे त्वरित बचाव, बेहतर समन्वय, आधुनिक तकनीक, मानकीकृत राहत सामग्री आदि पर जोर दिया।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार द्वारा जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक सुदृढ़ करने तथा राहत एवं बचाव दलों को आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता को प्राथमिकता देते हुए इस केन्द्र के निर्माण की पहल की गई है। जिलाधिकारी द्वारा क्रिटिकल गैप के पैसे से बाढ़ बचाव व राहत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्य किया गया है। प्रस्तावित केन्द्र आपदा प्रबंधन की दृष्टि से जनपद के लिए एक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना के रूप में विकसित होगा। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में कोई भी सरकारी भवन नही है, बाढ़ की आपात स्थितियों में लोग प्राइवेट भवनों में ही शरण लेना पड़ता है।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व अन्य बचाव टीमों के ठहरने सहित आवश्यक सुविधाएं होंगी उपलब्ध
बाढ़ बचाव नियंत्रण केन्द्र में आपदा के समय तैनात होने वाली एन०डी०आर०एफ०, एस०डी०आर०एफ० व अन्य बचाव व राहत की टीमों के ठहरने तथा राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। केन्द्र में 04 रूम एवं टॉयलेट, 01 डोरमेट्री, 01 किचेन एवं डाइनिंग हॉल, 01 मीटिंग हॉल तथा 01 स्टोर रूम का निर्माण कराया जाएगा।
केन्द्र में उपलब्ध होने वाली इन सुविधाओं के माध्यम से आपदा के समय एन०डी०आर०एफ०, एस०डी०आर०एफ० व अन्य बचाव टीमों को बाढ़ क्षेत्र के निकट ही ठहरने की सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही आपातकालीन उपकरणों एवं राहत सामग्री के सुरक्षित भण्डारण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। इससे आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव टीमों की त्वरित तैनाती तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के बेहतर समन्वय में मदद मिलेगी।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के निर्देशन एवं सतत अनुश्रवण में इस परियोजना को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे आगामी बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जनपद की तैयारियों को और अधिक मजबूत किया जा सके।
53.58 लाख रुपये की लागत से आपातकालीन स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार केन्द्र
बाढ़ बचाव नियंत्रण केन्द्र परिसर में रू0 53.58 लाख की लागत से दो कक्षों वाले आपातकालीन स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार केन्द्र तथा बाउण्ड्रीवाल का निर्माण कार्य भी प्रारम्भ हो चुका है। प्रस्तावित स्वास्थ्य केन्द्र के एक कक्ष में प्राथमिक उपचार सामग्री हेतु स्टोर रूम का निर्माण किया जाएगा, जबकि दूसरे कक्ष में फर्स्ट एड की सुविधा मय शौचालय उपलब्ध होगी। आपदा के दौरान बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों एवं अन्य जरूरतमंद लोगों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने में यह केन्द्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की पहल से विकसित की जा रही यह व्यवस्था विशेष रूप से आपदा के दौरान राहत, बचाव एवं स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायक होगी।
मुख्य मार्ग से केन्द्र तक सम्पर्क मार्ग एवं भूमि को ऊंचा करने का कार्य भी प्रारम्भ
बाढ़ बचाव नियंत्रण केन्द्र तक आपातकालीन वाहनों एवं राहत सामग्री की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए मुख्य मार्ग से केन्द्र तक सम्पर्क मार्ग के निर्माण, सड़क की आवश्यक फीलिंग तथा भूमि को निर्धारित स्तर तक ऊंचा करने का कार्य भी प्रारम्भ कर दिया गया है। इन कार्यों के पूर्ण होने से बाढ़ की स्थिति में एन०डी०आर०एफ० एवं एस०डी०आर०एफ० टीमों, आपातकालीन वाहनों, राहत सामग्री एवं आवश्यक उपकरणों को केन्द्र तक पहुंचाने में सुविधा होगी।
आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मिलेगा नया आधार
ग्राम कुकरौछी में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के प्रयासों से विकसित किया जा रहा बाढ़ बचाव नियंत्रण केन्द्र जनपद में आपदा पूर्व तैयारियों, त्वरित राहत एवं बचाव तथा प्रभावित लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एक ही परिसर में राहत एवं बचाव दलों के ठहरने, आपातकालीन उपकरणों एवं राहत सामग्री के सुरक्षित भण्डारण तथा प्राथमिक उपचार की सुविधाएं उपलब्ध होने से आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार द्वारा जनपद में बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियों को प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को परियोजना के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि आपदा की स्थिति में जनसामान्य को तत्काल राहत एवं आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें तथा किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
इस अवसर पर एसएसपी डॉ0 अनिल कुमार, एडीएम एफआर गम्भीर सिंह, पूर्व विधायक वंदना सिंह, अरविन्द जायसवाल, मनीष मिश्रा आदि जन प्रतिनिधिगण एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



