मखदुमपुर में इंसानियत की मिसाल: अब्दुल्लाह शेख और अब्दुल रहमान शेख की पहल से जरूरतमंदों को मुफ्त इलाज
An example of humanity in Makhdumpur: Abdullah Sheikh and Abdul Rahman Sheikh's initiative provides free treatment to the needy

फोटो डॉक्टरमोहम्मद वसीम
मखदुमपुर गांव में इकरा क्लिनिक खुलने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। अब इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता और गांव में ही चिकित्सकीय सुविधा मिल रही है। अब्दुल्लाह शेख व अब्दुल रहमान शेख की पहल पर जरूरतमंदों को निशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
मोहम्मदपुर/बिंद्रा बाजार। आजमगढ़ जिले के विकासखंड मोहम्मदपुर क्षेत्र में जरूरतमंद लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा की एक सराहनीय पहल चर्चा का विषय बनी हुई है। क्षेत्र के प्रतिष्ठित कारोबारी अब्दुल्लाह शेख और अब्दुल रहमान शेख ने अपने गांव मखदुमपुर में लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए क्लिनिक की लगभग 1 साल से शुरुआत की है, जहां जरूरतमंद मरीजों को निशुल्क चिकित्सकीय परामर्श और इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।इस पहल में क्षेत्र के मशहूर चिकित्सक डॉ. वसीम अहमद भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. अहमद प्रतिदिन सुबह 3 घंटा मखदुमपुर स्थित इकरा क्लिनिक पर मरीजों को देखते हैं और जरूरतमंद मरीजों का निशुल्क इलाज करते हैं।बताया जाता है कि जो मरीज निशुल्क इलाज की श्रेणी में नहीं आते या अपनी दवाएं स्वयं लेना चाहते हैं, उन्हें भी दवाओं की खरीद पर आधे दाम से अधिक तक की छूट उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को इलाज और दवा के खर्च में काफी राहत मिल रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत को देखते हुए मशहूर समाजसेवी अब्दुल्लाह शेख और अब्दुल रहमान शेख की यह पहल बेहद उपयोगी साबित हो रही है। खासकर जरूरतमंद परिवारों के लिए यह व्यवस्था किसी सहारे से कम नहीं है।ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों भाई अपने सामाजिक दायित्व को समझते हुए अपने गांव के लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। उनकी इस पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समाज के सक्षम लोग इसी तरह जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं तो आर्थिक परेशानियों के कारण इलाज से वंचित होने वाले लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। मशहूर समाजसेवी अब्दुल्लाह शेख और अब्दुल रहमान शेख की यह पहल इस बात का उदाहरण है कि कारोबार के साथ-साथ समाज और अपने गांव के प्रति जिम्मेदारी निभाकर भी लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।



