आजमगढ़ में ओवैसी की हुंकार, सपा के सियासी गढ़ में मचाई हलचल; भाजपा, सपा और योगी सरकार पर साधा निशाना

Owaisi's roar in Azamgarh stirs up unrest in the SP's political stronghold; targets BJP, SP, and Yogi government

आजमगढ़ 11 अक्टूबर:उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने विशाल जनसभा को संबोधित कर प्रदेश की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी। समाजवादी पार्टी का मजबूत राजनीतिक गढ़ माने जाने वाले आजमगढ़ में ओवैसी ने भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी और उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। निजामाबाद तहसील क्षेत्र के आजमगढ़-वाराणसी हाईवे लहरिया पुरवा हाईवे स्थित जायका दरबार ढाबे के पीछे आयोजित इस जनसभा में उन्होंने मुस्लिम समाज की राजनीतिक भागीदारी, युवाओं के नेतृत्व, छात्रों के मुद्दों, कथित फर्जी मुकदमों और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी।जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम समाज को अब अपनी आवाज बुलंद करने और अपने अधिकारों के लिए खुद आगे आने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल राजनीतिक कार्यक्रमों में दरी बिछाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हिस्सेदारी और भागीदारी की लड़ाई है। समाज को अपने हक के लिए राजनीतिक रूप से मजबूत होना होगा और अपना नेतृत्व तैयार करना होगा।

भाजपा और योगी सरकार पर तीखा हमला

असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए छात्रों के उत्पीड़न, युवाओं के खिलाफ कथित कार्रवाई और मुस्लिम समाज के लोगों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जाने के आरोपों को उठाया। उन्होंने मुस्लिम युवाओं और महिलाओं को कथित तौर पर झूठे मुकदमों में फंसाने तथा जेल में रखने के मुद्दे पर सरकार को घेरा।प्रदेश में एनकाउंटर की कार्रवाई को लेकर भी ओवैसी ने सरकार पर तंज कसा। उन्होंने अपने भाषण में व्यंग्यात्मक अंदाज अपनाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। एयरपोर्ट का नाम बदले जाने के मुद्दे पर भी उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना की।

अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी को भी घेरा

आजमगढ़ में अपने संबोधन के दौरान ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज ने समाजवादी पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन सत्ता में आने के बाद समाज के हितों से जुड़े मुद्दों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।ओवैसी ने PDA की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुस्लिम समाज को केवल वोट बैंक बनकर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने समाजवादी पार्टी के समर्थकों और नेतृत्व को संबोधित करते हुए मुस्लिम समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया। उनके इस बयान को आजमगढ़ में मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

मुबारकपुर की बनारसी साड़ी पर GST का मुद्दा उठाया

ओवैसी ने मुबारकपुर के बुनकरों और साड़ी उद्योग से जुड़े लोगों के मुद्दों को भी अपने भाषण में शामिल किया। उन्होंने बनारसी साड़ी पर जीएसटी लगाए जाने को लेकर नाराजगी जताई और बुनकर समुदाय के हितों की बात उठाई। उन्होंने कहा कि रोजगार, कारोबार और आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों की आवाज को राजनीतिक मंचों पर मजबूती से उठाया जाना चाहिए।

SIR और निर्वाचन आयोग पर उठाए सवाल

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर भी ओवैसी ने अपनी बात रखी और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने अपने संबोधन में आयोग के नाम को लेकर भी व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएं और अपने समाज के मुद्दों को खुद सामने लाएं।

सीएम योगी को संभल से चुनाव लड़ने की चुनौती

अपने भाषण के दौरान ओवैसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संभल से चुनाव लड़ने की चुनौती देकर राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया। उन्होंने कहा कि मुसलमान भारत का नागरिक है और अपने देश से बेपनाह मोहब्बत करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न राजनीतिक दल नहीं चाहते कि मुस्लिम समाज का स्वतंत्र नेतृत्व उभरे।ओवैसी ने मुस्लिम समाज से अपील की कि वह अपने संवैधानिक अधिकारों, सम्मान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए संगठित होकर आगे आए।

मोबाइल की रोशनी से कार्यकर्ताओं में भरा जोश

जनसभा के दौरान ओवैसी ने लोगों से अपने मोबाइल फोन की लाइट जलाने की अपील की। मोबाइल की रोशनी के बीच उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जोश भरते हुए आजमगढ़ की राजनीति में बदलाव का संदेश दिया। उनके भाषण और नारों के दौरान समर्थकों में उत्साह देखने को मिला।

आजमगढ़ की सियासत में नए समीकरणों की चर्चा

आजमगढ़ लंबे समय से समाजवादी पार्टी की राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। ऐसे में ओवैसी की इस जनसभा को आगामी चुनावों के मद्देनजर अहम राजनीतिक गतिविधि के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों पर निशाना साधते हुए उन्होंने मुस्लिम समाज की हिस्सेदारी, युवाओं के नेतृत्व और स्थानीय आर्थिक मुद्दों को प्रमुखता दी।इस जनसभा के जरिए AIMIM ने आजमगढ़ में अपनी राजनीतिक उपस्थिति मजबूत करने का संदेश देने की कोशिश की है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ओवैसी की इस हुंकार का क्षेत्र की राजनीति और मतदाताओं पर कितना प्रभाव पड़ता है।

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