Jabalpur news:बरेला के आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलीं अनियमितताएं, 100 बच्चों में सिर्फ 6 से 8 उपस्थित!

Jabalpur News: Irregularities found in Anganwadi centres of Barela, only 6 to 8 out of 100 children present!

जबलपुर जिले के बरेला में आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वार्ड नंबर 7 और 8 के आंगनबाड़ी केंद्रों में ग्राउंड जीरो से पड़ताल के दौरान बच्चों की कम उपस्थिति, नाश्ता और भोजन वितरण में देरी सहित कई कमियां सामने आई हैं। स्थानीय महिलाओं ने कार्यकर्ता और सहायिका पर समय से नहीं आने तथा बच्चों को घर से लाने-ले जाने में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वहीं, क्षेत्रीय लोगों ने उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण कराने की मांग की है।बरेला के वार्ड नंबर 7 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में कुल 52 बच्चे दर्ज हैं, लेकिन निरीक्षण के दौरान केवल 3 से 4 बच्चे ही उपस्थित मिले। आरोप है कि समूह द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार सुबह 11:30 बजे तक मिलने वाला नाश्ता यानी खिचड़ी समय पर नहीं पहुंची। इसके बाद करीब 11:30 से 12 बजे के बीच सीधे भोजन पहुंचाया गया।

भोजन के निर्धारित मेन्यू में वेज पुलाव और दाल-रोटी शामिल होने की बात कही गई, लेकिन मौके पर सब्जी-रोटी दी गई। स्थानीय लोगों के अनुसार सब्जी काफी पतली थी और रोटियां भी ठीक से पकी हुई नहीं थीं। वार्ड की मधु वंशकार और नंदनी वंशकार ने आंगनबाड़ी सहायिका पर प्रतिदिन बच्चों को घर से लेने और छोड़ने नहीं आने का आरोप भी लगाया है।इसी तरह वार्ड नंबर 8 के आंगनबाड़ी केंद्र में 48 बच्चे दर्ज हैं, लेकिन यहां भी निरीक्षण के दौरान केवल 3 से 4 बच्चे उपस्थित मिले। जानकारी के अनुसार, यहां सुबह करीब 10 बजे खिचड़ी दी गई, जबकि दोपहर 12 बजे तक भोजन नहीं पहुंचा था।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के खुलने और बंद होने का निर्धारित समय सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक है, लेकिन कार्यकर्ता और सहायिकाएं देर से आती हैं और समय से पहले चली जाती हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।अब सवाल यह है कि जब आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की संख्या दर्ज संख्या से काफी कम नजर आ रही है और भोजन व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं, तो जिम्मेदार अधिकारी इन व्यवस्थाओं की निगरानी कैसे कर रहे हैं? क्षेत्रीय लोगों ने मांग की है कि बरेला के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच की जाए और कमियां मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

 

जबलपुर से वाजीद खान की रिपोर्ट

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button