दुर्गापजा के दौरान पंडाल ढहने से भगदड़,19 की मौत,35 घयल

19 killed, 35 injured in stampede as pandal collapses during Durga Puja celebrations in Kolkata

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा की सप्तमी की शाम चोरबागान सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति के पूजा पंडाल में दर्दनाक हादसा हो गया। मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच बारिश के कारण अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान पंडाल का एक हिस्सा ढहने से भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। हादसे में 19 लोगों की मौत और 35 लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे। हादसे के बाद चोरबागान पूजा मंडप को फिलहाल बंद कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने 17 मौतों की पुष्टि की, जांच के आदेश

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने टीवी9 बांग्ला से बातचीत में 17 लोगों की मौत की पुष्टि की थी। उन्होंने बताया कि मृतकों में से छह की पहचान हो चुकी है। हालांकि, बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 19 होने की सूचना सामने आई। इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।मुख्यमंत्री ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि हादसे की जांच कराई जाएगी। उन्होंने रविवार के सभी कार्यक्रम स्थगित करने और शोक पालन करने की घोषणा भी की। राज्य सरकार की ओर से हादसे से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया गया है।

तेज बारिश के बीच बढ़ी भीड़, मची अफरा-तफरी

पूजा आयोजकों के मुताबिक, सप्तमी की शाम पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग पंडाल के अंदर प्रवेश करने लगे। इससे वहां अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया और अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा शाम करीब साढ़े सात बजे हुआ। शुरुआती जानकारी में आशंका जताई गई कि पंडाल का एक हिस्सा या उसका कोई स्ट्रक्चर गिरने के कारण लोग घबरा गए और अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान कई लोग गिर पड़े और भीड़ की चपेट में आ गए।एक दर्शनार्थी ने बताया कि उसने पंडाल का एक हिस्सा गिरने की बात सुनी थी। इसके बाद लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। भगदड़ के दौरान कई लोग जमीन पर गिर गए और उनके ऊपर दूसरे लोग गिरते चले गए।वहीं, कुछ अन्य प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बारिश के दौरान पंडाल में एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के प्रवेश करने से भीड़ बेकाबू हो गई। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इतनी बड़ी पूजा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने के बावजूद प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए थे।स्थानीय लोगों के मुताबिक, मौके पर पुलिस और स्वयंसेवक मौजूद थे, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने के लिए समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस की गाड़ी मौके पर खड़ी थी, लेकिन राहत पहुंचाने की जिम्मेदारी स्थानीय लोगों को उठानी पड़ी।स्थानीय लोगों ने पूजा समिति की व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद मौके पर एंबुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

निकास मार्ग पर भी उठे सवाल

स्थानीय लोगों के अनुसार, चोरबागान पूजा मंडप में पंडाल के बाद एक गोलाकार ऊंचा गलियारा बना हुआ है। मंडप से बाहर निकलने के लिए लोगों को इस गलियारे से होकर करीब 360 डिग्री घूमना पड़ता है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसा इसी गलियारे के आसपास हुआ हो सकता है।प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि संकरे निकास मार्ग और अचानक बढ़े भीड़ के दबाव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया होगा। हालांकि, इस संबंध में भी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।कुछ स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि आसपास खड़ी कारों को हटा दिया गया था। उनका कहना है कि यदि वाहन वहां मौजूद होते, तो कुछ घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने में मदद मिल सकती थी। लोगों ने आरोप लगाया कि व्यवस्था में आम श्रद्धालुओं की तुलना में वीआईपी और मेहमानों को अधिक प्राथमिकता दी गई।

पूजा समिति की थीम ‘अरवा’, दर्शन के लिए उमड़ी थी भीड़

चोरबागान सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति की वर्ष 2026 की पूजा की थीम ‘अरवा’ बताई गई है, जिसका अंग्रेजी अर्थ ‘बियॉन्ड साउंड’ है। आकर्षक पंडाल और मां दुर्गा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे थे।सप्तमी की शाम भी पंडाल में भारी भीड़ जमा थी। इसी दौरान बारिश और भीड़ के दबाव के बीच हादसा हो गया। घटना के बाद एहतियातन पूजा मंडप को बंद कर दिया गया है।

अमित शाह ने जताया दुख, बंगाल के कार्यक्रम स्थगित

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से बातचीत हुई है।अमित शाह ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रशासन घायलों को हरसंभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहा है। साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल में अपने अगले दिन के सभी कार्यक्रम स्थगित करने और अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात करने की बात कही।

ममता बनर्जी और राज्यपाल ने भी जताया शोक

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी घटना पर दुख जताया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ की खबर सुनकर उन्हें बेहद दुख हुआ है। उन्होंने मां दुर्गा से सभी घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की और पीड़ित परिवारों को इस कठिन समय में हिम्मत देने की कामना की।राज्यपाल रवि ने भी हादसे में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने दुखी परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

हादसे के बाद कई सवाल

चोरबागान पूजा पंडाल में हुए इस दर्दनाक हादसे ने दुर्गा पूजा जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन निकास, एंबुलेंस की उपलब्धता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन के सामने घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने, मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने और हादसे की वास्तविक वजह का पता लगाने की चुनौती है।

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