Azamgarh News:त्योहारों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सीएमओ ने दिए सख्त निर्देश
आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
त्योहारों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सीएमओ ने दिए सख्त निर्देश
हाजीपुर और महुला स्वास्थ्य केंद्रों पर गंदगी मिलने पर जताई नाराजगी, तत्काल सफाई कराने की दी हिदायत
आजमगढ़। आगामी त्योहारों के मद्देनजर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने जनपद के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य इकाइयों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी आकस्मिक घटना या आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए। जरूरत पड़ने पर बिना देरी किए उच्च स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर किया जाए। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विजयदशमी के दृष्टिगत सीएमओ ने हरैया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। यहां चिकित्सक, फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित मिले और आपातकालीन सेवाएं संचालित पाई गईं। इसके बाद उन्होंने हरैया ब्लॉक के हाजीपुर तथा अजमतगढ़ क्षेत्र के महुला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का निरीक्षण किया। दोनों केंद्रों पर मरीजों का उपचार होता मिला और उपस्थिति रजिस्टर में कर्मचारियों की उपलब्धता भी संतोषजनक रही। हालांकि, परिसर में घास-फूस उगी होने और साफ-सफाई की बदहाल स्थिति पर सीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीएमओ डॉ. एन.आर. वर्मा ने बताया कि 18 अक्टूबर को जनपद के सभी 76 नियोजित केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इसमें 81 चिकित्सकों और 298 पैरामेडिकल कर्मचारियों ने अपनी सेवाएं दीं। मेले में कुल 1,797 मरीजों का पंजीकरण हुआ, जिनमें 789 पुरुष, 731 महिलाएं और 277 बच्चे शामिल रहे। इस दौरान 44 आयुष्मान गोल्डन कार्ड भी बनाए गए।
मेले में गैस्ट्रो संबंधी समस्याओं के 313, मधुमेह के 298, त्वचा रोग के 216, श्वसन संबंधी रोगों के 170, उच्च रक्तचाप के 110, लिवर संबंधी रोगों के 49, एनीमिया के 36 और टीबी के नौ मरीज दर्ज किए गए। इसके अलावा 82 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच एवं देखभाल की गई, जबकि 101 कुपोषित बच्चों को चिह्नित किया गया। अन्य बीमारियों से संबंधित 727 मरीजों ने भी उपचार कराया। कोविड-19 हेल्प डेस्क पर 176 मरीजों की जांच की गई। रिपोर्ट के अनुसार, किसी मरीज की एंटीजन जांच नहीं हुई और न ही किसी मरीज को रेफर किया गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में आने वाले मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं। स्वास्थ्य केंद्रों के परिसर और आसपास नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि त्योहारों के दौरान आपातकालीन सेवाओं, मरीजों के उपचार और स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



