Azamgarh News:आजमगढ़ में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन, दो अस्पताल सील, तीन को नोटिस

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
आजमगढ़ में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन, दो अस्पताल सील, तीन को नोटिस
बिलरियागंज में बिना पंजीकरण चल रहा था पांच बेड का एनआईसीयू, एक मरीज मिला भर्ती; बिंद्रा बाजार में भी जांच के दौरान खुली अनियमितताओं की पोल
आजमगढ़ जनपद में बिना वैध पंजीकरण के निजी अस्पताल संचालित करने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा के निर्देश पर बिलरियागंज और बिंद्रा बाजार में की गई औचक छापेमारी में दो अपंजीकृत अस्पतालों को सील कर दिया गया, जबकि तीन अन्य चिकित्सा प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। कार्रवाई से निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया।
उप मुख्य चिकित्साधिकारी एवं निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानों के नोडल अधिकारी डॉ. मोहनलाल तथा पटल सहायक धीरेन्द्र शुक्ल की टीम ने दोनों क्षेत्रों में संचालित अस्पतालों का निरीक्षण किया। टीम ने पंजीकरण, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और मौके की स्थिति की जांच की। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों में पंजीकरण संबंधी अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई।
निरीक्षण के दौरान बिलरियागंज स्थित श्री साईंनाथ चाइल्ड केयर अपंजीकृत पाया गया। यहां पांच बेड की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) संचालित मिली। हैरानी की बात यह रही कि निरीक्षण के समय एक मरीज भर्ती था। मरीज की सुरक्षा और समुचित उपचार को ध्यान में रखते हुए उसे निकटवर्ती राजकीय चिकित्सालय में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए। बिना वैध पंजीकरण चिकित्सा सेवाएं संचालित किए जाने के चलते अस्पताल को सील कर दिया गया। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
टीम ने बिलरियागंज स्थित जनसेवा नर्सिंग होम की भी जांच की। यहां भी पंजीकरण नहीं मिला। हालांकि, निरीक्षण के समय कोई मरीज भर्ती नहीं था, लेकिन पंजीकरण संबंधी अनियमितता के चलते अस्पताल को सील कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया कि बिना वैध पंजीकरण अस्पताल चलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
बिंद्रा बाजार स्थित मां मुखराजी चिकित्सालय और रमा हड्डी अस्पताल भी जांच में अपंजीकृत पाए गए। दोनों प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर पंजीकरण समेत आवश्यक अभिलेखों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं, बिलरियागंज स्थित सृष्टि चिकित्सालय के निरीक्षण में परिसर में चार से पांच बेड लगे मिले, लेकिन मौके पर न कोई मरीज था और न ही संचालक मौजूद मिला। इस स्थिति के मद्देनजर प्रतिष्ठान को नोटिस जारी कर उसके संचालन और पंजीकरण से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू की गई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने साफ कहा कि जनपद में बिना वैध पंजीकरण निजी अस्पतालों और अन्य चिकित्सा प्रतिष्ठानों का संचालन किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। खासकर नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों का उपचार करने वाले संस्थानों में निर्धारित मानकों और जरूरी सुविधाओं का होना अनिवार्य है। मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपंजीकृत चिकित्सा प्रतिष्ठानों के खिलाफ निरीक्षण और प्रवर्तन की कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि निजी अस्पताल में इलाज कराने से पहले उसके वैध पंजीकरण और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी जरूर लें। किसी संदिग्ध या अपंजीकृत अस्पताल के संचालन की जानकारी मिलने पर विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।



