आजमगढ़ में वोटर लिस्ट में विकास यादव नाम 13 बार दर्ज, निर्वाचन विभाग ने शुरू की कार्रवाई
आजमगढ़ की वोटर लिस्ट में 13 जगह दर्ज मिला ‘विकास यादव’ नाम, अखिलेश के आरोपों पर निर्वाचन विभाग का एक्शन
लखनऊ/आजमगढ़, 24 अक्टूबर आर एन एस)आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में ‘विकास यादव’ नाम 13 जगह दर्ज मिलने के मामले में निर्वाचन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 15 अक्टूबर को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मतदाता सूची में एक ही नाम कई बार दर्ज होने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद निर्वाचन विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की थी।निर्वाचन विभाग की ओर से 24 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 347-आजमगढ़ की मतदाता सूची में ‘विकास यादव’ नाम हिंदी में 13 बार दर्ज पाया गया। हालांकि, जांच में सामने आया कि इन प्रविष्टियों में से 11 आजमगढ़ के अलग-अलग व्यक्तियों से संबंधित हैं, जो अपने-अपने गांव में रह रहे हैं। वहीं, समान नाम और समान पिता के नाम वाला एक मतदाता गोरखपुर जिले के चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से संबंधित पाया गया, जिसकी प्रविष्टि आजमगढ़ की अन्य प्रविष्टियों से अलग है।
दो प्रविष्टियां पहले ही हटाई गईं
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, ‘विकास यादव’ नाम की 13 प्रविष्टियों में से दो को पहले ही नियमानुसार हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है। शेष 11 प्रविष्टियां आजमगढ़ के 11 अलग-अलग व्यक्तियों से संबंधित हैं। इनमें वास्तविक विकास यादव को छोड़कर अन्य 10 व्यक्तियों के नाम और दूसरे विवरणों में सुधार के लिए फॉर्म-8 भरवाया गया है।
कंप्यूटर सहायक और पांच बीएलओ को नोटिस
निर्वाचन विभाग ने मामले में लापरवाही पाए जाने पर मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर सहायक संजय कुमार प्रजापति और पांच बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को मतदाता सूची से जुड़े काम से तत्काल हटाने तथा उनकी सेवा समाप्त करने के संबंध में नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।नोटिस की कार्रवाई के दायरे में चार आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों-गीता देवी प्रथम, गीता देवी द्वितीय, सुनीता देवी और शीला देवी-के साथ रोजगार सेवक उमेश कुमार यादव भी शामिल हैं।
तत्कालीन निर्वाचन अधिकारियों पर भी कार्रवाई के निर्देश
विभाग ने तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सदर के तत्कालीन एसडीएम नरेंद्र गंगवार के अलावा दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों—आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. मोनिका अग्रवाल और तत्कालीन नायब तहसीलदार सदर माधवेंद्र प्रताप सिंह—को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत कार्रवाई से पहले नोटिस दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मतदाता सूची तैयार करने में कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और पर्यवेक्षण में शिथिलता बरतने के आरोप में तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा दोनों सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने के लिए आरोप पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिले की सभी विधानसभा सीटों की जांच के आदेश
निर्वाचन विभाग ने जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ को जिले के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की भी इसी बिंदु पर गहन जांच कराने का निर्देश दिया है। इसके लिए एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।इस मामले में निर्वाचन विभाग की जांच के बाद अब संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि, सेवा समाप्ति और अन्य दंडात्मक कार्रवाई के संबंध में अंतिम निर्णय संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।



