Azamgarh News:आजमगढ़ में आयोजित हुआ ‘यूपी संवाद’, लगभग 150 युवाओं ने लिया हिस्सा*

*आजमगढ़ में आयोजित हुआ ‘यूपी संवाद’, लगभग 150 युवाओं ने लिया हिस्सा*

 

*फ्रेंड्स ऑफ यूपी पहल के अंतर्गत फ्रेंड्स ऑफ योगी द्वारा आयोजित संवाद में आजमगढ़ की विरासत, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और आर्थिक विकास पर हुई चर्चा*

 

*आत्मनिर्भरता, सकारात्मक सोच और एकता से साकार होगा विकसित भारत का सपना*

 

*उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, निवेश, महिला सशक्तीकरण और विकास के विभिन्न पहलुओं पर वक्ताओं ने रखे विचार*

 

आजमगढ़, 25 अक्टूबर 2026//

 

फ्रेंड्स ऑफ यूपी पहल के अंतर्गत फ्रेंड्स ऑफ योगी द्वारा रविवार को आजमगढ़ के होटल गोल्डन फॉर्च्यून, सिविल लाइंस में ‘यूपी डायलॉग’ का आयोजन किया गया। ‘आजमगढ़ राइजिंग: हेरिटेज, एजुकेशन, सिक्योरिटी एंड इकोनॉमिक ग्रोथ’ विषय पर आयोजित इस संवाद में लगभग 150 युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में जिले की सांस्कृतिक विरासत, शिक्षा, कानून-व्यवस्था, स्थानीय उद्यमिता और आर्थिक विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

 

कार्यक्रम में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के कुलपति प्रो. संजीव कुमार, टेक्नोक्रेट, सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ तथा स्टार्टअप एवं नवाचार क्षेत्र के विशेषज्ञ डॉ. ओमकार राय और अध्ययन फाउंडेशन फॉर पॉलिसी एंड रिसर्च के सीईओ शशांक शेखर सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में प्रतिभाग किया।

 

संवाद के दौरान उत्तर प्रदेश में विकास, आजमगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को आर्थिक संभावनाओं से जोड़ने, युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने, स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करने और जिले की आर्थिक पहचान मजबूत बनाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

 

*शिक्षा, नवाचार और उद्यमिता से युवाओं को मिलेंगे नए अवसर : प्रो. संजीव कुमार*

 

महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय अब केवल शिक्षा प्रदान करने और डिग्री देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं में नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन की भावना विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से युवाओं के नए विचारों को व्यावहारिक रूप देने, स्टार्टअप स्थापित करने और कंपनियां विकसित करने में सहयोग प्रदान करने पर जोर दिया जा रहा है।

 

युवाओं को कृषि, पशुपालन, पोल्ट्री, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में नए एवं उपयोगी विचारों के साथ आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन विचारों को धरातल पर उतारने के लिए प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता में सहयोग महत्वपूर्ण है।

 

कुलपति ने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनने की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए। यदि युवा अपने विचारों के माध्यम से सफल उद्यम स्थापित करते हैं, तो वे आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए देश के विकास में योगदान देना होगा। इसके लिए आत्मनिर्भरता, मेहनत और सकारात्मक सोच आवश्यक है।

 

भारत की विविधता में एकता को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उन्होंने कहा कि अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और परिस्थितियों के बावजूद भारतीय अपनी मेहनत और प्रतिभा से देश-विदेश में पहचान बना रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि एकता, सकारात्मक सोच और परिश्रम के साथ आगे बढ़कर विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है।

 

*स्टार्टअप और उद्यमिता से आजमगढ़ में खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते : डॉ. ओमकार राय*

 

डॉ. ओमकार राय ने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला उद्यमी बनाने की आवश्यकता है। सरकार कानून, योजनाओं, संसाधनों और इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से अनुकूल वातावरण तैयार कर सकती है, लेकिन इन पहलों को गति देने और धरातल पर उतारने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ की प्रसिद्ध ब्लैक पॉटरी, हथकरघा, कृषि, बागवानी और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में तकनीक, नवाचार और मूल्य संवर्धन के माध्यम से नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। स्थानीय उत्पादों के साथ उनकी निर्माण प्रक्रिया और पारंपरिक विरासत की कहानी जोड़कर उनकी पहचान एवं बाजार मूल्य बढ़ाया जा सकता है।

 

डॉ. राय ने कहा कि स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक के बढ़ते प्रभाव के दौर में युवाओं को नए विचारों पर काम करने, छोटी कंपनियां स्थापित करने और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मार्गदर्शन, निवेश और बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उद्यमिता और स्टार्टअप आजमगढ़ के आर्थिक विकास, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के लिए होने वाले पलायन को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

 

डॉ. राय ने कानून-व्यवस्था को आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण शर्त बताते हुए कहा कि शांति, सुरक्षा और कानून का प्रभावी क्रियान्वयन निवेशकों का विश्वास बढ़ाने तथा उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में सहायक होता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, आईटी उद्योग और डेटा सेंटर के विस्तार के साथ रक्षा एवं चिकित्सा उपकरण निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी अवसर विकसित हो रहे हैं।

 

एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और बाजार तक पहुंच बढ़ाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय उद्यमियों और कारीगरों के लिए रोजगार एवं आर्थिक समृद्धि की संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। उन्होंने शिक्षा संस्थानों को नवाचार, अनुसंधान और स्टार्टअप के केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, शिक्षण संस्थानों, उद्योगों और उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय से स्थानीय समस्याओं के समाधान के साथ रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने, औद्योगिक विकास को गति देने और पिछड़े क्षेत्रों में आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

 

*शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और जनभागीदारी से मजबूत होगी आजमगढ़ की पहचान : शशांक शेखर सिंह*

 

अध्ययन फाउंडेशन फॉर पॉलिसी एंड रिसर्च के सीईओ शशांक शेखर सिंह ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, औद्योगिक निवेश, स्वास्थ्य सुविधाओं और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए युवाओं को प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने आजमगढ़ की ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले की समृद्ध विरासत के बावजूद लंबे समय तक इसकी छवि को लेकर लोगों के मन में विभिन्न धारणाएं रही हैं। अब युवाओं को शिक्षा, उद्यमिता, नवाचार और रोजगार सृजन के माध्यम से आजमगढ़ की नई पहचान स्थापित करने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण और बेहतर कानून-व्यवस्था निवेश एवं रोजगार के अवसरों के विस्तार में सहायक हो सकते हैं। महिला सुरक्षा के साथ महिलाओं की पुलिस भर्ती, आर्थिक गतिविधियों और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने के प्रयास भी महत्वपूर्ण हैं। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और वंचित वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की आवश्यकता है।

 

शशांक शेखर सिंह ने युवाओं से अपील किया कि वे मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, अटल आवासीय विद्यालय, मुद्रा ऋण योजना और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति जैसी योजनाओं की जानकारी जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्ति इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ के युवाओं को रोजगार तलाशने के साथ-साथ रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए। शिक्षा, उद्यमिता, सामाजिक भागीदारी और उपलब्ध अवसरों का सदुपयोग करके जिले में रोजगार के नए रास्ते खोले जा सकते हैं।

 

Pl*निवेश, उद्योग और स्थानीय उत्पादों से आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा*

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति को गति देने के लिए निवेश, उद्योग, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के विस्तार पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कारोबार करने में सुगमता, कानून-व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं को निवेश के लिए महत्वपूर्ण बताया।

एक जनपद, एक उत्पाद योजना के माध्यम से पारंपरिक उत्पादों को प्रोत्साहित करने तथा आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी को आधुनिक बाजार और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इससे स्थानीय कारीगरों की आय बढ़ाने और पारंपरिक कला को नई पहचान दिलाने में मदद मिल सकती है।

वक्ताओं ने प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकास का लाभ आजमगढ़ जैसे जिलों के युवाओं, कारीगरों, छोटे उद्यमियों और आम नागरिकों तक पहुंचना चाहिए।

युवाओं की भागीदारी से मजबूत होगा विकसित उत्तर प्रदेश का संकल्प*

कार्यक्रम में युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने स्थानीय विकास से जुड़े विषयों पर संवाद और जनभागीदारी की आवश्यकता को रेखांकित किया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को विशेषज्ञों के अनुभवों से सीखने, स्थानीय समस्याओं को समझने और जिले के भविष्य को लेकर रचनात्मक विचार प्रस्तुत करने का अवसर देते हैं।

फ्रेंड्स ऑफ यूपी की ओर से आयोजित यूपी संवाद श्रृंखला का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की विकास यात्रा, स्थानीय चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा के लिए युवाओं, विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को साझा मंच उपलब्ध कराना है। आजमगढ़ में आयोजित यह संवाद जिले की सांस्कृतिक विरासत और समकालीन विकास की संभावनाओं को एक साथ जोड़ने की दिशा में एक पहल रहा।

कार्यक्रम में परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए), सच्चिदानंद प्रसाद सहित बड़ी संख्या में युवा एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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