Azamgarh News:हरिऔध कला केंद्र में दिव्य दीपावली मेले का भव्य आयोजन, दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा ने मोहा मन

आजमगढ़ बलरामपुर /पटवध से बबलू राय
विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक ने किया मेले का उद्घाटन, 20 संस्थाओं के दिव्यांग बच्चों के हुनर की सराहना
550 से अधिक कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों का किया गया वितरण, दिव्यांगजनों को मौके पर ही आधार पंजीकरण एवं संशोधन की मिली सुविधा
उत्तर प्रदेश शासन एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, आजमगढ़ के तत्वावधान में जनपद के प्रतिष्ठित हरिऔध कला केंद्र में एक दिवसीय ‘दिव्य दीपावली मेला’ का भव्य आयोजन हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। मेले का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि माननीय विधान परिषद सदस्य, उत्तर प्रदेश विजय बहादुर पाठक ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने दिव्यांग बच्चों द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों का अवलोकन कर उनकी प्रतिभा, सृजनशीलता एवं स्वावलंबन के प्रयासों की सराहना की।
मेले में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के साथ-साथ विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं एवं विशेष विद्यालयों के दिव्यांग बच्चों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। बच्चों द्वारा तैयार किए गए आकर्षक एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों ने आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। मेले के माध्यम से दिव्यांगजनों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ ही उनके आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण का संदेश दिया गया।
*दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा एवं सृजनशीलता का किया गया उत्साहवर्धन*
मुख्य अतिथि विजय बहादुर पाठक एवं उपस्थित अधिकारियों ने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने दिव्यांग बच्चों द्वारा तैयार किए गए मिट्टी के कलात्मक दीपक, सुगंधित मोमबत्तियां, मनमोहक पेंटिंग्स, तोरण एवं विभिन्न सजावटी हस्तशिल्प उत्पादों की सराहना की।
मेले में कुल 20 स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। इनमें बचपन डे केयर सेंटर, आजमगढ़, समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय, अतरौलिया, आजमगढ़, हाफ वे होम, फकरुद्दीनपुर, सठियांव, आजमगढ़ तथा कैलाशी महिला विकास समिति, अतरौलिया, आजमगढ़ सहित अन्य संस्थाएं शामिल रहीं। इन संस्थाओं एवं विद्यालयों में अध्ययनरत तथा संवासित दिव्यांग बच्चों और युवाओं द्वारा स्वनिर्मित उत्पादों के स्टॉल लगाए गए। आगंतुकों ने बच्चों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का उत्साहपूर्वक अवलोकन एवं क्रय किया। इससे दिव्यांग बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला।
*दिव्यांगजनों को 550 से अधिक कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरित*
दिव्य दीपावली मेले के दौरान जनपद के पात्र दिव्यांगजनों को 550 से अधिक कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। वितरित किए गए उपकरणों में ट्राईसाइकिल, बैसाखी, मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल (बैटरी चालित ट्राईसाइकिल), कान की मशीन (श्रवण यंत्र), स्मार्ट केन एवं एम.आर. किट आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन उपकरणों के माध्यम से दिव्यांगजनों को दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम करने तथा उनकी गतिशीलता, आत्मनिर्भरता एवं जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में सहायता मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, मेले में दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए आधार कार्ड बनवाने एवं आधार में संशोधन की विशेष व्यवस्था भी की गई। विभाग द्वारा लगाए गए पंजीकरण काउंटर के माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों को विभागीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए जागरूक किया गया।
मुख्य अतिथि विजय बहादुर पाठक ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण, सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता के लिए संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना तथा उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने दिव्यांग बच्चों की अद्भुत प्रतिभा एवं उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन दिव्यांगजनों को अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण में सहभागी बनने तथा उन्हें सम्मान एवं समान अवसर प्रदान करने का आह्वान किया।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शांत प्रकाश श्रीवास्तव ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं मेले के उद्देश्य की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने पात्र दिव्यांगजनों से विभागीय योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। मेले में लगाए गए पंजीकरण काउंटर एवं आधार पंजीकरण/अपडेशन केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
दिव्य दीपावली मेले के आयोजन से दिव्यांग बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, उनके द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने तथा समाज में दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में उप निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, आजमगढ़ मंडल, राज बहादुर सिंह, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शांत प्रकाश श्रीवास्तव, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी दीपक मिश्रा, जिला युवा कल्याण अधिकारी सुल्तान सिंह, जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।



