Azamgarh News:विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) एवं थाना एएचटी, जनपद आजमगढ़।

*विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) एवं थाना एएचटी, जनपद आजमगढ़।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ0 अनिल कुमार के निर्देशन में विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) एवं थाना एएचटी की मासिक समीक्षा एवं समन्वय गोष्ठी तथा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन।

बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों एवं विवेचकों को विवेचना संबंधी समस्याओं, किशोर न्याय अधिनियम-2015 एवं बाल अधिकारों के संबंध में दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश।*

विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं जनपद के समस्त थानों के बाल कल्याण अधिकारियों ने प्रतिभाग कर आपसी समन्वय एवं प्रभावी कार्यवाही पर किया विचार-विमर्श।*

आज दिनांक 05.11.2026 को समय 13:00 बजे पुलिस लाइन्स, आजमगढ़ स्थित सभागार में *वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ0 अनिल कुमार* के निर्देशन, *अपर पुलिस अधीक्षक यातायात श्री पंकज श्रीवास्तव* के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी आंकिक की अध्यक्षता में *विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) एवं थाना एएचटी की मासिक समीक्षा एवं समन्वय गोष्ठी तथा एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन* किया गया।

 

उक्त गोष्ठी में *चिकित्सा विभाग, अभियोजन शाखा, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, जीआरपी, आरपीएफ* सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारीगण, जनपद के *समस्त थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, थाना एएचटी/SJPU के प्रभारी एवं कर्मचारीगण तथा महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के कर्मचारीगण* द्वारा प्रतिभाग किया गया।

 

कार्यशाला के दौरान बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों एवं विवेचकों द्वारा विवेचना के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया तथा उनके प्रभावी निराकरण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके साथ ही निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई—

1. *बाल अधिकारों एवं बच्चों की सुरक्षा से संबंधित प्रावधान।*

2. अभियुक्त एवं पीड़ित के आयु निर्धारण की प्रक्रिया।*

3. महिला सुरक्षा एवं बाल संरक्षण से संबंधित कानूनी प्रावधान।

4. किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम-2015 के प्रावधान एवं प्रभावी क्रियान्वयन।*

5. बालकों से संबंधित प्रकरणों में विवेचना के दौरान आने वाली समस्याओं एवं उनके निराकरण के उपाय।*

 

बैठक के अंत में क्षेत्राधिकारी आंकिक द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए बालकों एवं महिलाओं से संबंधित प्रकरणों में संवेदनशीलता, तत्परता एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया।

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