भदोही::माफिया विजय मिश्र की पुत्री, दामाद व भतीजे की पत्नी का 17.40 करोड़ की संपत्ति जब्त
पुलिस ने धारा-3(1) उ.प्र. गिरोहबंद एवं समाज विरोधी किया-कलाप (निवारण) अधिनियम के तहत की कार्रवाई

भदोही। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित संगठित अपराध की रीढ पर प्रहार की नीति के तहत- संगठित व पेशेवर अपराधियों के विरूद्ध कठोरतम कार्रवाई के लिए एसपी डॉ.मीनाक्षी कात्यायन निर्देशन में पुलिस व प्रशासन द्वारा संगठित अपराधियों की सम्पत्ति जब्तीकरण किया जा रहा है। मंगलवार को पुलिस ने गैंगलीडर व माफिया विजय मिश्र की पुत्री, दामाद व भतीजे के पत्नी के प्रयागराज में स्थित संपत्ति को जब्त कर लिया। जिसकी कुल अनुमानित कीमत 17.40 करोड़ रुपए की है।पुलिस ने धारा-3(1) उ.प्र. गिरोहबंद एवं समाज विरोधी किया-कलाप (निवारण) अधिनियम थाना गोपीगंज जनपद भदोही से संबंधित चिंहित सफेदपोश माफिया व गैंग लीडर अभियुक्त विजय कुमार मिश्र द्वारा अपने आर्थिक, भौतिक एवं अनुचित दुनियाबी लाभ के लिए अपना व गैंग के सदस्यों का प्रभाव डालकर आपराधिक कृत्यों के अर्जित धन से अपने सगी पुत्री सीमा मिश्रा व दामाद हरिशंकर मिश्र के नाम जनपद प्रयागराज स्थित बाघम्बरी गृह संस्थान योजना अल्लापुर जार्जटाउन में दो मंजिला भवन निर्माण व रजिस्ट्री कराया गया। जिसकी अनुमानित कीमत 15.10 करोड़ रुपए की है। साथ ही गैंग के सक्रिय सदस्य मनीष मिश्र द्वारा अपनी पत्नी बिंदु मिश्रा के नाम प्रयागराज स्थित सदर मोहल्ला टैगोर टाउन में दो मंजिला भवन अनुमानित कीमत 2.30 करोड़ से निर्माण व रजिस्ट्री कराया गया। ताकि अपने अवैध धन को वैध रूप दे सके। दोनों भवन जिनकी कुल अनुमानित कीमत 17.40 करोड़ रुपए से अर्जित किया गया है। आपराधिक कृत्यों के अर्जित धन से क्रय की गई उक्त सम्पत्ति को जिला मजिस्ट्रेट गौरांग राठी द्वारा अंतर्गत धारा-14(1) उ.प्र. गिरोहबंद एवं समाज विरोधी किया-कलाप (निवारण) अधिनियम राज्य सरकार के पक्ष में कुर्क करने के आदेश दिए गए। जिसके अनुपालन में जनपदीय पुलिस तथा प्रयागराज पुलिस व प्रशासनिक टीम द्वारा नियमानुसार जब्तीकरण की कार्रवाई की गई।गैंगस्टर अभियुक्त मनीष मिश्रा के विरुद्ध सामूहिक दुष्कर्म, एनएसए, गुंडा, गैंगस्टर, लूट, अपहरण, मारपीट, संपत्ति हड़पने, जालसाजी, रंगदारी सहित गंभीर अपराधों के लगभग दो दर्जन अभियोग पंजीकृत हैं। जबकि गैंगलीडर व चिंहित माफिया विजय मिश्र के विरुद्ध हत्या, लूट, अपहरण, बलात्कार, मारपीट, संपत्ति हड़पने, जालसाजी, रंगदारी सहित गंभीर अपराधों के कुल 83 अभियोग पंजीकृत हैं।



