अमरावती:8 साल की उम्र में अरसलान अहमद खान ने माहे रमजान का पहला रोजा रखा

माहे रमजान की रोजे हर मुसलमान पर फर्ज होते हैं,

अचलपुर संवाददाता सैयद गनी की विशेष रिपोर्ट
अचलपुर अमरावती महाराष्ट्र
(अचलपुर)

दिनांक 19 मार्च 2024 को अचलपुर फरमानपुरा स्थित निवासी मुनव्वर खान के छोटे बेटे अर्सलान अहमद खान ने माहे रमजान का पहला रोजा मुकम्मल किया, बता दे की माहे रमजान में मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी मात्रा में नमाज रोजो का एतेराम करते हैं उसी को देखते हुए रमजान के महीने में नन्हेरोजेदार खुशी के साथ अल्लाह को राजी करने के लिए अपना पहला रोजा रख रहे हैं इनमें से अचलपुर फरमानपुरा निवासी 8 साल की उम्र में अरसलान अहमद खान ने अपना रोजा रखा, रोजा रखने की खुशी में इफ्तार पार्टी का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था जिसमें बड़ी मात्रा में रोजगारों ने शिरकत की और अर्सलान अहमद खान को ढेर सारी दुआएं दी अर्सलान अहमद खान का मनोबल बढ़ाया उनके परिवार और रिश्तेदारों मित्र मंडल उन्हें देखकर खुश हो रहे हैं और जिसको देखते हुए ढेर सारी मुबारकबाद पेश करते नजर आ रहे हैं यकीनन यह लोगों को एक अच्छा संदेश जाता है की इतनी चिल चिल्लाती धूप में मासूम बच्चे अल्लाह को राजी करने के लिए रोजे रखते हैं जहां कहा जा सकता है कि ऐसी तपती धूप में रोजे रखने पर अच्छे-अच्छे पहलवानों के पसीने छूट जाते हैं इस चिल चिल्लाती धूप में जो गर्माहट महसूस होती है खाने पीने की शिद्दत को बर्दाश्त करते हुए उसके मद्देनजर इन छोटे मासूम बच्चों में हौसला होता है जो अपने रोजो को मुकम्मल करने का जज्बा दिखाते हैं, हर तरह से अल्लाह को राजी करने का प्रयास करते है , जिन बच्चों के आज खेलने कूदने के दिन है वह इतनी गर्मी के दोनों में रोजा रखकर अपने रब को राजी करना चाहते हैं इस मामले में सेहतमंद तंदुरुस्त बड़ी उम्र वालों को चाहिए रमजान उल मुबारक का अदब व एतराम करें रोजे रखे और नमाजों की पाबंदी करें येही रूठे हुए रब को राजी करने का रास्ता है अल्लाह हर मुसलमान भाई को अमल करने की तौफीक अता करें ,इस्लाम इस्लाम एक ऐसा धर्म है जो सभी समुदाय के लोगों के हित में अपना एक अच्छा संदेश दुनिया के लोगों को देता है इस्लाम एक पवित्र धर्म है जहां छोटे बड़े बुजुर्ग लोगों की इज्जत और जिंदगी गुजारने का सही तरीका कुरान शरीफ में मिलता है आज मंगलवार के दिन अर्सलान अहमद खान ने अपना पहला रोजा इफ्तार कर मुकम्मल किया जिसकी सराहना चारों ओर की जा रही है पहला रोजा मुकम्मल करने पर अर्सलान अहमद खान को माता-पिता परिवार एवं रिश्तेदारों की ओर दोस्तों की से पहला रोजा रखने की खुशी में मुबारकबाद दी जा रही है मुंतज़िर खान अर्सलान के दादा ने कहा कि अरसलन का यह पहला रोजे की शुरुआत है आगे भी वह भविष्य में पूरे रोजे रखने का प्रयत्न करेगा इस प्रकार की जानकारी मुंतज़िर खान ने दी है।

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