देहरादून के चर्चित बिल्डर आत्महत्या मामले में ‘गुप्ता बंधुओं’ को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत

14 days judicial custody for 'Gupta brothers' in Dehradun's controversial builder suicide case

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देहरादून, 25 मई : देहरादून पुलिस ने बिल्डर सतेंद्र सिंह साहनी सुसाइड केस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी अजय गुप्ता और अनिल गुप्ता को कोर्ट में पेश किया है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

 

इसके साथ ही इस मामले में दोनों आरोपियों की जमानत पर अब सोमवार को सुनवाई होगी। एसजेएम कोर्ट ने गुप्ता बंधुओं को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए आरोपियों द्वारा दायर जमानत अर्जी पर पुलिस से जवाब भी मांगा।

 

बता दें कि शुक्रवार को देहरादून में बिल्डर सतेंद्र सिंह साहनी ने सुसाइड कर लिया था। सुसाइड नोट में इन दोनों आरोपियों पर उकसाने का आरोप लगाया गया था। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।

 

सतिंदर सिंह साहनी ने शुक्रवार की सुबह सात मंजिला अपार्टमेंट परिसर की छत से कूदकर अपनी जान दे दी। अनिल और अजय दोनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए शनिवार को अदालत में पेश किया गया।

 

मूल रूप से सहारनपुर के रहने वाले गुप्ता परिवार को दक्षिण अफ्रीका में अपनी व्यावसायिक गतिविधियों के लिए बदनामी मिली, जहां उन्हें व्यापक भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करना पड़ा।

 

इस पूरे घटनाक्रम के बीच ऐसी खबर आ रही है कि दक्षिण अफ्रीकी न्याय विभाग गुप्ता बंधुओं की गिरफ्तारी के संबंध में भारतीय अधिकारियों के साथ चर्चा करने की तैयारी कर रहा है।

 

दक्षिण अफ्रीका के न्याय एवं सुधार सेवा मंत्रालय के प्रवक्ता क्रिसपिन फिरी ने मीडिया को बताया, “न्याय एवं सुधार सेवा विभाग ने भारत में दो गुप्ता भाइयों, अजय और अनिल की गिरफ्तारी की रिपोर्ट पर गौर किया है। सत्यापन और संभावित जुड़ाव के लिए भारत में उच्चायुक्त के माध्यम से औपचारिक प्रक्रियाएं चल रही हैं।”

 

उसी समय, न्याय मंत्री रोनाल्ड लामोला ने कथित तौर पर जोहान्सबर्ग में बताया कि भारत में गिरफ्तार किए गए गुप्ता परिवार के सदस्य वे नहीं थे, जिनके लिए दक्षिण अफ्रीका ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।

 

लामोला ने कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि गिरफ्तार किए गए लोग राजेश और अतुल से संबंधित थे, जो दक्षिण अफ्रीका और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई कानूनी चुनौतियों और जांच के बीच दक्षिण अफ्रीका छोड़कर दुबई चले गए थे।

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