वैज्ञानिक का शव पहुंचते ही मचा कोहराम, भूटान में हुआ था दर्दनाक हादसा; एक हफ्ते बाद मिली लाश

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रिपोर्टर अजीत कुमार सिंह बिट्टू जी ब्यूरो चीफ हिंद एकता टाइम्स

 

 

Ballia News: वैज्ञानिक के मौत की सूचना पर ही परिजन बिलख पड़े थे। हादसे की जानकारी और सच्चाई पता करने के लिए परिवार के कुछ लोग भूटान भी गए थे। एक सप्ताह तक केंद्र और भूटान सरकार के कर्मी उनकी लाश ढूंढते रहे। 31 मई को शव नदी में मिला था।

 

 

 

 

 

बलिया के नगरा थाना क्षेत्र के मलप हरसेनपुर गांव निवासी 45 वर्षीय भूगर्भ वैज्ञानिक डॉ. रवि भूषण की मौत भूटान में एक दुर्घटना में हो गई। रविवार को शव गांव पर पहुंचते ही कोहराम मच गया। परिजनों ने अंतिम संस्कार गांव पर ही कर दिया।

 

 

 

मलप हरसेनपुर निवासी डॉ. रवि भूषण राष्ट्रीय शिला यांत्रिकी खनन मंत्रालय में भूगर्भ वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत थे। पांच वर्ष पहले भारत सरकार ने डा. रवि को डैम प्रोजेक्ट पर सहयोग के लिए भूटान भेजा था। भूटान में डॉ. रवि की कार्य अवधि लगभग खत्म होने वाली थी।

 

एक सप्ताह पहले डॉ. रवि भूटान में कार से पहाड़ पर कही जा रहे थे। पहाड़ पर चढ़ाई के वक्त भूगर्भ वैज्ञानिक की कार अनियंत्रित होकर नीचे गिर गई। पास में बह रही एक नदी में चली गई। एक सप्ताह तक केंद्र सरकार और भूटान सरकार ने वैज्ञानिक को ढूंढा। 31 मई को वैज्ञानिक का शव नदी में मिला।

 

रविवार को भूगर्भ वैज्ञानिक का शव पैतृक गांव मलप हरसेनपुर पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया। डा. रवि की पत्नी रीमा का रोते रोते बुरा हाल हो गया है। वे अपने पीछे पत्नी के अलावा 14 वर्षीय पुत्र आरुष और 6 वर्षीय पुत्री आरुषि को छोड़ गए हैं। अंतिम संस्कार गांव पर ही किया गया।

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