किसानों की जमीन छीन ब्रिटिश गवर्नर ने कभी जमींदारों को किया था मालामाल, कब्र को लेकर युवा नेता नितीश दूबे ने जताई ये आपत्ति

रिपोर्ट सुरेश पांडे
गाजीपुर। भारत में 1793 ईस्वी में बंगाल में स्थायी बन्दोबस्त के रूप में लार्ड कार्निवालिस ने नई राजस्व पद्धति शुरू की थी. इसके तहत राजस्व के लिए जमींदारों को जमीन का मालिक बनाकर किसानों को अपनी ही जमीन का किराएदार बना दिया गया था. लार्ड कार्निवालिस की मृत्यु भारत में हुई थी. इसके बाद उनका शव गाजीपुर के गोरा बाजार में दफन किया गया था. अब उनकी कब्र को लेकर विवाद उभर गया है. आरएसएस के पूर्व विस्तारक नीतीश कुमार की ओर से कब्र पर बनी आकृतियों पर आपत्ति जताई गई है. नीतीश कुमार ने प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल को पत्र लिखकर इस मसले को संज्ञान में लेने की अपील की है.
आरएसएस से जुड़े नीतीश कुमार ने शिकायती पत्र में लिखा है कि गाजीपुर जनपद के दक्षिण पश्चिम पीजी कॉलेज के ठीक बगल और महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज (हॉस्पिटल) के ठीक सामने स्थित लार्ड कार्नवालिस का मकबरा अंग्रेजों के जमाने में बनाया गया था. उस मकबरे में जो स्मृति के रूप में प्रतिमा बनी है. उसके ठीक नीचे एक तरफ हिंदू समाज का प्रतिनिधित्व कर रहे जनेऊ और शिखाधारी ब्राह्मण दूसरी तरफ अल्पसंख्यक समाज का प्रतिनिधित्व कर रहे. मौलाना को सिर झुका करके दर्शाया गया है, जिससे यह स्पष्ट संदेश जाता है कि भारत के सभी धर्म के लोगों को इन अंग्रेजों ने गुलाम बनाया था.
नीतीश कुमार के अनुसार जिस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आजादी के 75वें अमृत महोत्सव में देश से गुलामी की मानसिकता हटाने की बात कर रहे हैं. उसी क्रम में लार्ड कार्नवालिस के मकबरे पर विचार करते हुए सरकारी दस्तावेजों से बाहर निकालने पर विचार किया जाना चाहिए. नीतीश के अनुसार जनपद पवहारी बाबा, राजा गाधि, महर्षि विश्वामित्र, नागा बाबा और मौनी बाबा के साथ ही जमदग्नि ऋषि के आश्रम के लिए जाना जाता है.



