मेरी सीखने की प्रक्रिया का एक बड़ा हिस्सा ‘सेल्फ-वैलिडेशन’: ट्विंकल अरोड़ा

Self-validation is a big part of my learning process: Twinkle Arora

 

 

 

मुंबई,  । ‘उड़ारियां’ में नेहमत का रोल अदा करने वाली एक्ट्रेस ट्विंकल अरोड़ा ने बताया कि वह पहले दूसरों से वैलिडेशन चाहती थीं, लेकिन अब उन्होंने सेल्फ-वैलिडेशन की पावर को जान लिया है।

 

ट्विंकल ने कहा, “वैलिडेशन (अपने बारे में किसी की राय लेना) मेरी सीखने की प्रक्रिया का एक बड़ा हिस्सा रहा है। मैं एक ऐसी इंसान थी जिसे कई जगहों पर दूसरों की राय की जरूरत थी, लेकिन समय के साथ मैंने सीखा है कि खुद को मान्यता देना ही सबसे बड़ी सीख है। अगर किसी को कोई दूसरा वैलिडेट नहीं करता, तो इस पर निराश नहीं होना चाहिए। यह कहना आसान है, लेकिन इसमें महारत हासिल करने के लिए काफी कोशिश की जरूरत है, जो मैं कर रही हूं।”

 

उन्होंने आगे कहा, “मैं एक ऐसी शख्स हूं जो मौज-मस्ती करना पसंद करती है और उसे बस सही कंपनी की जरूरत होती है।”

 

एक्ट्रेस का कहना है कि वह अलग-अलग लोगों के सामने अपना अलग-अलग साइड दिखाती हैं और जब वह अकेली होती हैं तो वह बिल्कुल अलग होती हैं।

 

उन्होंने कहा,”जब मैं सेट पर होती हूं, तो मैं बिल्कुल शांत और प्रोफेशनल होती हूं। और जब मैं अपने दोस्तों के साथ होती हूं, तो मैं बस एक टाइम बम या लाफ्टर बॉक्स बन जाती हूं।”

 

एक्ट्रेस ने कहा, “जब कोई नहीं देख रहा होता है, तो हम बस अपने आप में होते हैं। कुछ चीजें ऐसी होती हैं जो कोई भी लोगों के सामने कभी नहीं करता, लेकिन अकेले में करता है। उदाहरण के लिए, मैं घर पर अकेले बैठकर कभी भी चम्मच से नहीं खाती, लेकिन जब मैं किसी ग्रुप में होती हूं, तो मुझे इससे खाना पड़ता है।”

 

ट्विंकल ने कंफर्ट जोन के बारे में भी बात की और कहा कि आगे बढ़ने के लिए इससे बाहर निकलना जरूरी है।

 

उन्होंने कहा, ”एक कहावत है, ‘आगे बढ़ा तभी जा सकता है जब आप अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलते हैं’। मुझे लगता है कि हमें समय के साथ अपने कंफर्ट जोन को बदलते रहना चाहिए। एक बार जब हम सहूलियत के दायरे से बाहर निकल जाते हैं, तो हम जिस नए जोन में आते हैं, वह भी हमारा कंफर्ट जोन बन जाता है।”

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