नक्सलवाद पर भाजपा सरकार मतिभ्रम का शिकार, 6 महीने में नहीं घोषित कर पाई नीति : कांग्रेस

BJP government is suffering from hallucinations on Naxalism, could not declare policy in 6 months: Congress

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रायपुर, 18 जुलाई: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बीजापुर जिले में हुए नक्सली हमले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।उन्होंने कहा कि नक्सलवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार मतिभ्रम का शिकार है। सरकार 6 महीने में अपनी नक्सल नीति नहीं घोषित कर पाई है।उन्होंने कहा कि कभी छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री बोलते हैं कि घर में घुसकर मारेंगे, कभी बोलते हैं उनसे बात की जाएगी। कभी भाई बताकर उनके घर लाल भाजी खाने की बात करते हैं। इसके बाद हर दूसरे दिन हमारे जवानों की शहादत होती है, कभी हमारे जवान घायल होते हैं। सरकार पहले अपनी नक्सल नीति स्पष्ट करे।शुक्ला ने आगे कहा कि पिछले पांच साल जब हमारी सरकार थी तो उन दिनों छत्तीसगढ़ में नक्सली घटनाओं में 80 फीसदी की कमी आई थी। उसका कारण था कि हमने अपनी नक्सली नीति बनाई थी। विकास और सुरक्षा को लेकर हम आगे बढ़ रहे थे। जिसके कारण हमारे सुरक्षाबलों के जवानों का हौसला बुलंद था। स्थानीय लोगों का उनको समर्थन मिल रहा था। हमने दूरस्थ क्षेत्रों में कैंप बनाए थे, उसका फायदा आज भी मिल रहा है। भाजपा सरकार को अपनी नीति घोषित करनी चाहिए।बस्तर पुलिस ने गुरुवार को बताया कि बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में दो सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए और चार अन्य घायल हो गए। यह घटना उस समय हुई जब जिले में नक्सल विरोधी अभियान में शामिल सुरक्षाकर्मी सर्च ऑपरेशन से लौट रहे थे।
पुलिस ने बताया कि बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा के सीमावर्ती क्षेत्र में दरभा डिवीजन, पश्चिम बस्तर डिवीजन और मिलिट्री कंपनी नंबर 2 के नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने पर एसटीएफ, डीआरजी, कोबरा और सीआरपीएफ की टीमें 16 जुलाई को संयुक्त अभियान पर निकली थी। जब जवान ऑपरेशन समाप्त कर लौट रहे थे तो नक्सलियों ने उन्हें आईईडी से निशाना बनाया।हमले में मारे गए दो जवानों की पहचान रायपुर निवासी भरत साहू और नारायणपुर जिले के निवासी सत्येर सिंह कांगे के रूप में हुई है। इस बीच क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए हैं और घायल एसटीएफ जवानों के समुचित उपचार के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।

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