कश्मीर घाटी में वैदिक काल से यज्ञ की पंरपरा, धार्मिक स्थल हो चुके हैं जीवंत : एलजी मनोज सिन्हा

Tradition of Yagya in Kashmir valley since Vedic period, religious places have become alive: LG Manoj Sinha

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अनंतनाग, 18 जुलाई: जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने लोक भवन, अनंतनाग में माता सिद्ध लक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना की और हवन में हिस्सा लिया।मनोज सिन्हा ने जम्मू कश्मीर के अधिकांश हिंदू तीर्थस्थलों में धार्मिक गतिविधियां बहाल करने के लिए स्थानीय लोगों और प्रशासन की सराहना की। अब पहले की तुलना में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है। माता की महिमा अत्यंत प्राचीन है।उन्होंने कहा कि इतिहास के पन्ने से देखा जाए तो कश्मीर घाटी में वैदिक काल से यज्ञ की परंपरा रही है। अनंतनाग में जगह-जगह ऐसे धार्मिक स्थलों का निर्माण हुआ था। जहां से मानवता करुणा और एकता का संदेश दिया जाता था। मैं मानता हूं कि धार्मिक स्थलों में लंबे समय बाद अध्यात्म और संस्कार का वही प्राचीन गौरव देखने को मिल रहा है।एलजी ने कहा कि अनंतनाग धार्मिक स्थलों में शीर्ष पर बना हुआ है और अब अधिकांश तीर्थस्थलों में धार्मिक प्रथाओं का पालन किया जा रहा है। यह कश्मीर के लिए गौरव की बात है।उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा सकुशल चल रही है। हम लोगों से निवेदन करेंगे कि सर्वधर्म-समभाव का प्रचार-प्रसार करें। ईश्वर की कृपा से आस्था के केंद्र फिर से जीवंत होने लगे है।

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