फुजीफिल्म ने भारत की पहली गैस्ट्रो AI एकेडमी की स्थापना की,हेल्थकेयर में इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को मिलेगा बढ़ावा
Fujifilm sets up India's first Gastro AI Academy, boosting use of intelligence in healthcare

मुंबई : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंडोस्कोपी में देश की प्रमुख हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी कम्पनी फुजीफिल्म इंडिया ने भारत में पहली गैस्ट्रो AI एकेडमी की स्थापना के लिए एक एकेडमिक पार्टनर के रूप में हाथ मिलाया है। एचएन रिलायंस हॉस्पिटल में एक इवेंट के दौरान एकेडमी को लांच किया गया। हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाने के लिए देश के कई प्रतिष्ठित गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्टो ने एक गैस्ट्रो AI एकेडमी की स्थापना करने के लिए पहल की है।इस एकेडमी की स्थापना का उद्देश्य गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजी के क्षेत्र में बदलाव लाना है। इस एकेडमी के तहत GI फिजिशियन और सर्जन्स को मुफ्त में AI एजुकेशन प्रदान किया जायेगा और उन्हें मरीजों की बेहतर देखभाल करने और इलाज में सुधार के लिए सभी जरूरी जानकारी और स्किल से लैस किया जायेगा। इस एकेडमी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हमारे हेल्थकेयर एक्सपर्ट भविष्य के लिए तैयार रहे और समाज की बेहतरी के लिए टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को लेकर जागरूक रहे।HN रिलायंस हॉस्पिटल के इंस्टीट्यूट ऑफ़ गैस्ट्रोसाइंस के चेयरमैन डॉ अमित मायडो एक प्रतिष्ठित गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट हैं। उन्होंने अपने भाषण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के चमत्कारों पर बात करते हुए कहा, “गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजी का क्षेत्र हमेशा से लेटेस्ट अविष्कारों और टेक्नोलॉजी से आगे बढ़ता रहा है। इसकी वजह से मरीज की देखभाल में सुधार हुआ है, हॉस्पिटल में ज्यादा दिनों तक भर्ती रहने की दर में कमी आयी है, और जल्दी तथा तेज रिकवरी भी संभव हुई है क्योंकि अब कई प्रक्रियाएं इंडोस्कॉपिकली की जाती है। हेल्थकेयर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग होना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है और इस दिशा में दुनिया भर में कई सारे प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है।अपोलो हॉस्पिटल, मैसूर के एक प्रसिद्ध गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. राजकुमार वाधवा ने कहा, “GI से सम्बंधित बीमारियों के इलाज और डायग्नोसिस को बेहतर बनाने के लिए भारत के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट महत्वपूर्ण रूप से अपना योगदान दे रहे हैं। हम इस एकेडमी के लिए अमेरिका, यूरोप, जापान और कई अन्य देशों के AI एक्सपर्ट्स से मिले समर्थन के लिए आभारी हैं।


