भाजपा अपने आंतरिक सर्वे में मिल्कीपुर हार रही थी, इस कारण टले चुनाव:अखिलेश यादव
BJP was losing Milkipur in its internal survey, that is why the elections were postponed: Akhilesh Yadav

लखनऊ:। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मिल्कीपुर चुनाव को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपनी संभावित हार से बचने के लिए मिल्कीपुर का चुनाव टाल दिया, क्योंकि वह अपने आंतरिक सर्वे में हार रहे थे।
अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ में महर्षि वाल्मीकि की जयंती के मौके पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बीतचीत के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री और प्रशासन के अधिकारी कई बार मिल्कीपुर गए। उन्हें पता चला कि वे हार रहे हैं। इसके बाद चुनाव को टालने का निर्णय लिया गया। अब अपनी बदनामी बचाने के लिए कोर्ट और निर्वाचन आयोग का चक्कर लगा रहे हैं। जिससे वहां चुनाव हो जाए।
इसके अलावा अखिलेश यादव ने कहा कि बहराइच में क्या प्रशासन को जानकारी नहीं थी वहां क्या-क्या हो रहा है। अब प्रशासन और शासन मिलकर के अन्याय कर रहा है। मैं कल महाराष्ट्र जा रहा हूं और इंडिया गठबंधन वहां जीते इसपर जोर है। हमारी कोशिश होगी कि हम इंडिया गठबंधन के साथ चुनाव लड़ें। हमने सीटें मांगी हैं और हमें उम्मीद है कि जहां हमारे दो विधायक थे वह हमें ज्यादा सीटें देंगे। हम वहां पर मजबूती से चुनाव लड़ेंगे।
कांग्रेस के साथ उत्तर प्रदेश में गठबंधन को लेकर जल्दी तय हो जाएगा कि हमें कितनी सीटों पर चुनाव लड़ना है। राजनीति में साथ आना साथ काम करना यह बहुत अच्छी परंपरा है। जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र की पहली जीत हुई है। जम्मू-कश्मीर को अब पूरे राज्य का दर्जा मिल जाना चाहिए। जो लोग डिवाइड एंड रूल करना चाहते हैं वह सोची समझी साजिश के तहत समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। जिन्होंने अंग्रेजों से डिवाइड एंड रूल सीखा हो उनसे आप क्या उम्मीद कर सकते हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि जिस तरह नेताजी ने और समाजवादी पार्टी ने वाल्मीकि जयंती पर छुट्टी की थी। वाल्मीकि समाज को जो सुविधा, जो सम्मान मिलना चाहिए, वो हम सत्ता में आने पर उन्हें देंगे। वाल्मीकि जी का समाज में पूजनीय स्थान है। उन्हें भगवान का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने रामायण के माध्यम से हमें जो सीख दी, उस प्रेरणा से आज हम संकल्प लेते हैं कि समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त कर सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलेंगे।



